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Byju's Crisis: मैं ही रहूंगा कंपनी का CEO, बायजू फाउंडर ने ईजीएम को बताया तमाशा

  • Authored by: आशीष कुशवाहा
  • Updated Feb 25, 2024, 09:04 AM IST

Byju's Crisis: कंपनी के शेयरहोल्डर्स द्वारा बुलाई गई ईजीएम के बाद बायजू रवींद्रन को पद और बोर्ड से हटाने का ऐलान किया गया था। इस मीटिंग में बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्य शामिल नहीं हुए थे।

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Byju's Crisis: मैं ही रहूंगा कंपनी का CEO, बायजू फाउंडर ने ईजीएम को बताया तमाशा

Byju's Crisis: एजुटेक कंपनी बायजू (Byju's) के फाउंडर बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran) ने खुद को CEO पद से हटाए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स को फेक बताया है। उन्होंने कर्मचारियों को लिखे एक लेटर में कहा कि वह CEO हैं और इस पद पर बने रहेंगे। कंपनी के मैनेजमेंट में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने शुक्रवार को हुई EGM (Extraordinary General Meeting) को तमाशा बताया। कंपनी के शेयरहोल्डर्स द्वारा बुलाई गई ईजीएम के बाद बायजू रवींद्रन को पद और बोर्ड से हटाने का ऐलान किया गया था। इस मीटिंग में बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्य शामिल नहीं हुए थे।

ईजीएम में कई नियमों को तोड़ गया

बायजू रवींद्रन ने कहा कि यह ईजीएम कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन द्वारा निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना बुलाई गई थी। इसलिए मीटिंग में जो भी फैसला हुआ, वह वैलिड नहीं होगा। अफवाहें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं। ईजीएम में कई सारे नियमों को तोड़ा गया। उन्होंने लिखा कि जिस तरह आप सभी खिलाड़ियों की सहमति के बिना खेल के नियमों को बीच में नहीं बदल सकते, ठीक उसी तरह हम नियमों का पालन किए बिना कंपनी को चलाने के तौर-तरीकों में बदलाव नहीं कर सकते।

कर्मचारियों को लिखे लेटर में कही बात

बायजू रवींद्रन ने लिखा कि मैं बायजू का सीईओ बना रहूंगा। मैनेजमेंट और बोर्ड नहीं बदलेगा। मैं कंपनी के सीईओ होने के नाते यह पत्र आपको लिख रहा हूं। बिजनेस भी पहले जैसा ही चलता रहेगा। उन्हे पता है कि उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है। मगर, सच जल्द ही सामने आएगा। बायजू के 170 शेयरहोल्डर्स में से केवल 35 (लगभग 45 फीसदी शेयरहोल्डिंग) ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इससे साफ हो जाता है कि इस बैठक को ज्यादा समर्थन नहीं मिला है।

मैनेजमेंट का पूरा ध्यान कंपनी चलाने पर

उन्होंने कहा- कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बैठक के दौरान लिए गए किसी भी निर्णय को समाधान होने तक प्रभावी नहीं किया जाएगा। इस पूरे गैर जरूरी नाटक के बावजूद मैनेजमेंट अपना पूरा ध्यान कंपनी को सही तरह से चलाने पर लगा है। हाई कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया था कि ईजीएम में पारित किया जाने वाला कोई भी प्रस्ताव 13 मार्च को बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका की अंतिम सुनवाई और निपटान तक मान्य नहीं होगा।

आशीष कुशवाहा
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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