ईजीएम में कई नियमों को तोड़ गया
बायजू रवींद्रन ने कहा कि यह ईजीएम कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन द्वारा निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना बुलाई गई थी। इसलिए मीटिंग में जो भी फैसला हुआ, वह वैलिड नहीं होगा। अफवाहें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं। ईजीएम में कई सारे नियमों को तोड़ा गया। उन्होंने लिखा कि जिस तरह आप सभी खिलाड़ियों की सहमति के बिना खेल के नियमों को बीच में नहीं बदल सकते, ठीक उसी तरह हम नियमों का पालन किए बिना कंपनी को चलाने के तौर-तरीकों में बदलाव नहीं कर सकते।
कर्मचारियों को लिखे लेटर में कही बात
बायजू रवींद्रन ने लिखा कि मैं बायजू का सीईओ बना रहूंगा। मैनेजमेंट और बोर्ड नहीं बदलेगा। मैं कंपनी के सीईओ होने के नाते यह पत्र आपको लिख रहा हूं। बिजनेस भी पहले जैसा ही चलता रहेगा। उन्हे पता है कि उनके खिलाफ मीडिया ट्रायल चल रहा है। मगर, सच जल्द ही सामने आएगा। बायजू के 170 शेयरहोल्डर्स में से केवल 35 (लगभग 45 फीसदी शेयरहोल्डिंग) ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इससे साफ हो जाता है कि इस बैठक को ज्यादा समर्थन नहीं मिला है।
मैनेजमेंट का पूरा ध्यान कंपनी चलाने पर
उन्होंने कहा- कर्नाटक हाई कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि बैठक के दौरान लिए गए किसी भी निर्णय को समाधान होने तक प्रभावी नहीं किया जाएगा। इस पूरे गैर जरूरी नाटक के बावजूद मैनेजमेंट अपना पूरा ध्यान कंपनी को सही तरह से चलाने पर लगा है। हाई कोर्ट ने बुधवार को आदेश दिया था कि ईजीएम में पारित किया जाने वाला कोई भी प्रस्ताव 13 मार्च को बायजू की पेरेंट कंपनी थिंक एंड लर्न प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका की अंतिम सुनवाई और निपटान तक मान्य नहीं होगा।
