दिवाली (Diwali 2026) का त्योहार कई लोगों के लिए नया घर खरीदने का सपना पूरा करने का अच्छा मौका होता है। इस दौरान रियल एस्टेट कंपनियां जहां घरों की खरीद पर आकर्षक ऑफर दे रही हैं, वहीं बैंक भी होम लोन की ब्याज दरों में प्रतिस्पर्धी विकल्प पेश कर रहे हैं। नवंबर 2026 में कुछ बैंक 7.25% सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन उपलब्ध करवा रहे हैं। ऐसे में अगर आप इस दिवाली अपना घर खरीदने की तैयारी कर रहे हैं, तो अलग-अलग बैंकों की ब्याज दरों की तुलना जरूर करनी चाहिए-
सरकारी बैंकों में कहां मिल रहा सबसे सस्ता होम लोन?
सरकारी बैंकों में बैंक ऑफ महाराष्ट्र (Bank of Maharashtra) और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) सबसे कम 7.25% सालाना की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन (Home Loan) दे रहे हैं। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक की शुरुआती ब्याज दर 7.35% है। वहीं, बैंक ऑफ बड़ौदा, यूको बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) में ब्याज दरें 7.40% से शुरू हो रही हैं। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) में होम लोन की ब्याज दर 7.50% से शुरू होकर 8.80% तक जाती है।
प्राइवेट बैंकों में भी मिल रहे विकल्प
प्राइवेट बैंकों की बात करें तो HSBC में होम लोन की शुरुआती ब्याज दर 7.45% है। कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) में यह दर 7.60% से शुरू होती है। वहीं, HDFC Bank में ब्याज दर 8% और एक्सिस बैंक (Axis Bank) में 8% से शुरू हो रही है। ICICI Bank की शुरुआती ब्याज दर 8.75% है। इसके अलावा, फेडरल बैंक 7.50% से 9.25% की ब्याज दर पर होम लोन दे रहा है। इन दरों में ग्राहक की पात्रता के अनुसार बदलाव हो सकता है।
हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों के पास भी विकल्प
बैंक के अलावा हाउसिंग फाइनेंस (LIC Housing Finance) कंपनियों से भी होम लोन लिया जा सकता है। LIC हाउसिंग फाइनेंस में ब्याज दर 7.40% से शुरू है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस और ICICI होम फाइनेंस में यह 7.50% से शुरू होती है। वहीं, गोदरेज हाउसिंग फाइनेंस (Godrej Housing Finance) में 7.65% और आदित्य बिड़ला कैपिटल में 7.87% से ब्याज दर शुरू हो रही है।
लोन लेने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सबसे कम ब्याज दर देखकर तुरंत लोन लेने का फैसला न लें।। बैंक आपका क्रेडिट स्कोर, आय, मौजूदा कर्ज और पेमेंट का रिकॉर्ड देखते हैं। इसके अलावा, प्रोसेसिंग फीस, कानूनी शुल्क और प्रॉपर्टी वैल्यूएशन चार्ज की जानकारी भी लें। इसके अलावा, फिक्स्ड और फ्लोटिंग ब्याज दरों के अंतर को समझना जरूरी है। डाउन पेमेंट के बाद स्टांप ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन, घर की सजावट और इमरजेंसी खर्चों के लिए भी पैसा बचाकर रखें।
