शेयर बाजार टूट रहा है लेकिन निवेशकों का भरोसा SIP पर कम नहीं हुआ है। SIP के जरिये हजारों करोड़ रुपये का निवेश म्यूचुअल फंड में हर महीने आ रहा हैं। हालांकि, सिप के प्रति रुझान बढ़ने के बावजूद आज के समय में बहुत कम लोग SWP का विकल्प चुन रहे हैं। SWP का मतलब सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान है। आप सिप से निवेश शुरू कर और SWP के जरिये रेगलुर इनकम का जुगार कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि SIP और SWP में क्या अंतर है?
SIP और SWP में क्या अंतर है?
SIP यानी सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान और SWP यानी सिस्टमैटिक विदड्रॉल प्लान, म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़ी दो अलग-अलग सुविधाएं हैं। SIP के जरिए निवेशक हर महीने या तय अंतराल पर एक निश्चित रकम म्यूचुअल फंड में निवेश करता है, ताकि भविष्य के लिए पैसा जमा कर सके। वहीं, SWP के जरिए निवेशक अपने म्यूचुअल फंड निवेश से हर महीने या तय अंतराल पर एक निश्चित रकम निकाल सकता है।
उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति हर महीने ₹5,000 की SIP करता है। कुछ साल बाद अगर किसी व्यक्ति के म्यूचुअल फंड में ₹20 लाख जमा हैं और वह हर महीने ₹10,000 निकालता है, तो वह SWP का इस्तेमाल कर रहा है। SIP का इस्तेमाल आमतौर पर लंबी अवधि में संपत्ति बनाने के लिए किया जाता है, जबकि SWP रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्चों के लिए पैसा पाने में मदद कर सकता है।
SWP कैसे काम करता है
1. सबसे पहले निवेश करें: SIP से किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करें। उसके बाद उस रकम का उसी फंड या किसी दूसरे फंड में निवेश करें। फंड चुनते समय उसके रिटर्न, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्य का ध्यान रखें।
2. पैसे निकालने का तरीका तय करें: तय करें कि आपको हर महीने या कितने समय के अंतराल पर कितनी रकम निकालनी है। इसके लिए आप अपने म्यूचुअल फंड हाउस से संपर्क कर सकते हैं।
3. यूनिट्स बेचकर मिलेंगे पैसे: पैसे निकालने की तय तारीख पर म्यूचुअल फंड आपकी जरूरत के हिसाब से कुछ यूनिट्स बेचता है। उस दिन के NAV यानी प्रति यूनिट मूल्य के आधार पर आपके बैंक खाते में रकम भेजी जाती है।
4. बाकी पैसा निवेशित रहता है: पैसे निकालने के बाद आपके फंड की बची हुई रकम निवेशित रहती है। बाजार के प्रदर्शन के आधार पर इसकी वैल्यू बढ़ भी सकती है और घट भी सकती है।
5. निकासी में बदलाव कर सकते हैं: जरूरत के मुताबिक आप SWP के तहत निकाली जाने वाली रकम बढ़ा या घटा सकते हैं। फंड और प्लेटफॉर्म के नियमों के अनुसार इसे कुछ समय के लिए रोकना या पूरी तरह बंद करना भी संभव है।
ध्यान रखने वाली बातें
आपको यह पक्का करना होगा कि आप जो पैसे निकाल रहे हैं, वह लंबे समय तक चल सके। बहुत ज़्यादा पैसे निकालने और मार्केट में गिरावट के समय पैसे निकालने से इस बात पर असर पड़ सकता है कि आपका फंड कितने समय तक चलेगा।
ऑनलाइन SWP कैलकुलेटर आपको यह समझने में मदद कर सकते हैं कि पैसे निकालने की ज़रूरतों के आधार पर, एक निश्चित समय तक चलने के लिए आपको कितने फंड की जरूरत होगी।
रिडीम की गई यूनिट्स पर कैपिटल गेन्स टैक्स लग सकता है। इसलिए, अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन करते समय, आपको टैक्स और महंगाई के असर पर भी विचार करना चाहिए ताकि आपको अपने फंड के लंबे समय तक चलने के बारे में सही जानकारी मिल सके।
