Indian Railway Budget 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए रेलवे को 2.52 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है। यह राशि पिछले वर्ष की तुलना में लगभग समान है, लेकिन इसमें कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को शामिल किया गया है। रेलवे ने यात्री और माल ढुलाई सेवाओं से 3.02 लाख करोड़ रुपये के राजस्व का लक्ष्य रखा है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमान 2.79 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर
बजट प्रस्तावों के अनुसार, यात्री सुरक्षा के लिए रेलवे का बजट 1.16 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले वर्ष के 1.14 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। रेलवे सिग्नलिंग और दूरसंचार कार्यों के लिए 6,800 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 'कवच' जैसी सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए यह राशि पर्याप्त नहीं है।
माल ढुलाई और नेटवर्क विस्तार में बड़ी छलांग
भारतीय रेलवे ने 2025 तक 1.6 अरब टन माल ढोने का लक्ष्य रखा है, जिससे यह चीन के बाद दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी माल ढुलाई रेलवे प्रणाली बन जाएगी। साथ ही, रेलवे हर साल 4,000 किमी नई पटरियां जोड़ने का लक्ष्य लेकर चल रहा है और पिछले 10 वर्षों में 31,180 किमी नई लाइनें बिछाई जा चुकी हैं।
200 वंदे भारत और 100 अमृत भारत ट्रेनों की घोषणा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इस बजट में 200 वंदे भारत, 100 अमृत भारत और 50 नमो भारत ट्रेनों को बनाने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा, 17,500 सामान्य डिब्बों के निर्माण की योजना बनाई गई है, जिससे आम जनता को अधिक सुविधाएं मिलेंगी।
1000 नए फ्लाईओवर और रेलवे विद्युतीकरण
सरकार 1,000 नए फ्लाईओवर और अंडरपास बनाने जा रही है, जिससे रेलवे क्रॉसिंग पर ट्रैफिक कम होगा और दुर्घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही, 31 मार्च 2025 तक भारतीय रेलवे 100% विद्युतीकरण का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
