GST Reforms: केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों में बड़े बदलाव किए हैं, जिससे अब इलाज, दवाएं और फिटनेस सेवाएं पहले से सस्ती हो जाएंगी। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का मकसद आम लोगों की जिंदगी आसान बनाना और सेहत को बेहतर करना है।दवाएं सस्ती होंगी।अब ज़रूरी दवाओं पर जीएसटी घटाकर 12% से सिर्फ 5% या शून्य कर दिया गया है। इससे कैंसर, डायबिटीज़ और ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का इलाज करवाना पहले से सस्ता होगा।
मेडिकल उपकरण पर राहत
ऑक्सीजन, ग्लव्स, थर्मामीटर, डायग्नोस्टिक किट और दूसरे ज़रूरी उपकरणों पर भी टैक्स घटाकर 12% से 5% कर दिया गया है। अस्पतालों और क्लीनिकों के खर्च कम होंगे और छोटे शहरों तक इलाज पहुंचाना आसान होगा।
चश्मे और लेंस सस्ते
नज़र के चश्मों और लेंस पर टैक्स 12% से घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे छात्रों, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को सीधी राहत मिलेगी।
बीमा किस्तों में फायदा
अब स्वास्थ्य बीमा योजनाओं पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा। यानी मिडिल क्लास और बुजुर्गों के लिए बीमा किस्तें सस्ती होंगी और ज़्यादा लोग बीमा ले पाएंगे।
पोषण वाली चीज़ें सस्ती
- दूध और पनीर - पूरी तरह टैक्स फ्री।
- सूखे मेवे और डायबिटीज़ वाले लोगों के लिए खास खाद्य पदार्थ - अब 12% से घटकर सिर्फ 5%।
- मछली, फलों का गूदा और दूध वाले पेय - पहले 12%, अब सिर्फ 5%।
- इनसे परिवारों का पोषण सस्ता होगा और बच्चों व बुजुर्गों को खास फायदा मिलेगा।
फिटनेस पर भी राहत
जिम और फिटनेस सेंटर पर टैक्स 18% से घटाकर 5% कर दिया गया है। यानी अब युवाओं और प्रोफेशनल्स के लिए फिट रहना ज्यादा आसान होगा।
हानिकारक चीज़ों पर कोई रियायत नहीं
सरकार ने तंबाकू, पान मसाला और शुगर ड्रिंक्स पर कोई छूट नहीं दी। यानी सेहत बिगाड़ने वाली चीज़ें अब भी महंगी ही रहेंगी।
क्या बदल जाएगा?
इस नए जीएसटी सुधार पैकेज से इलाज सस्ता होगा, बीमा आसान होगा, सेहतमंद खाना और फिटनेस सुलभ होगी। सरकार ने साफ कहा कि जनता की सेहत पर खर्च घटेगा, लेकिन हानिकारक आदतों पर सख़्ती जारी रहेगी।
