बजट 2026

Gold price: कम दाम में ज्वेलरी! बजट में आभूषण उद्योग को कस्टम ड्यूटी से राहत, सस्ते होंगे सोना-चांदी

Gold Import Duty Cut, Silver Tax Reduction, Platinum Jewelry Tax: बजट 2025-26 में सरकार ने सोना, चांदी और प्लैटिनम आभूषणों पर सीमा शुल्क घटाने का ऐलान किया है, जिससे ये अधिक किफायती हो जाएंगे। प्लैटिनम फाइंडिंग्स पर टैक्स 25% से घटाकर 5% किया गया है, जबकि 1.4% AIDC जोड़ा गया है। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से आभूषणों की मांग बढ़ेगी और घरेलू बाजार को मजबूती मिलेगी।

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सोना-चांदी और आभूषणों पर सीमा शुल्क 25% से घटाकर 20% किया गया (Photo:Canva)

Gold Import Duty Cut: सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में आयातित आभूषण और मूल्यवान धातुओं पर सीमा शुल्क कम करने का ऐलान किया है। इससे सोना, चांदी और प्लैटिनम के आभूषण और उनके हिस्से सस्ते होंगे। मूल सीमा शुल्क 25% से घटाकर 20% करने का प्रस्ताव दिया गया है, जिससे घरेलू बाजार में आभूषणों की कीमतों पर असर पड़ेगा और उनकी मांग बढ़ सकती है।

प्लैटिनम फाइंडिंग्स पर भारी कटौती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्लैटिनम फाइंडिंग्स पर आयात शुल्क 25% से घटाकर 5% करने का प्रस्ताव रखा है। हालांकि, इस पर 1.4% कृषि अवसंरचना और विकास उपकर (AIDC) लगाया गया है। इससे प्लैटिनम ज्वेलरी के दामों में गिरावट आने की संभावना है।

नई एचएस कोड व्यवस्था से व्यापार में सुधार

सरकार ने प्लैटिनम और सोने की मिश्रधातुओं के लिए नया एचएस (हार्मोनाइज्ड सिस्टम) कोड लागू करने का प्रस्ताव दिया है, जिससे व्यापार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और संगठित बनाया जा सकेगा। रत्न और आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (GJEPC) के चेयरमैन विपुल शाह ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि नए टैरिफ आइटम से चांदी, सोने और प्लैटिनम की शुद्धता को वर्गीकृत करने में मदद मिलेगी और व्यापारिक भ्रम की स्थिति दूर होगी।

आभूषण उद्योग में बढ़ेगी मांग

इस फैसले से भारत-यूएई CEPA (Comprehensive Economic Partnership Agreement) के तहत आयातित प्लैटिनम पर अनुचित शुल्क छूट की समस्या का समाधान होगा। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के भारत के क्षेत्रीय सीईओ सचिन जैन ने कहा कि इस बजट से स्वर्ण उद्योग को फायदा होगा। उन्होंने बताया कि बढ़ी हुई कर छूट सीमा से खर्च योग्य आय बढ़ेगी, जिससे सोने और आभूषणों की मांग में इजाफा होगा।

उद्योग जगत की सकारात्मक प्रतिक्रिया

कामा ज्वेलरी के प्रबंध निदेशक कॉलिन शाह ने इस फैसले को लक्जरी ज्वेलरी सेगमेंट के लिए फायदेमंद बताया। उन्होंने कहा कि भारत में आभूषणों की खपत काफी अधिक है, और इस कदम से घरेलू बाजार में खासकर लक्जरी खंड में मांग बढ़ेगी।

भाषा इनपुट के साथ

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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