बजट 2025

Budget 2025: बजट से रियल एस्टेट को क्या मिला? जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स

Budget 2025 Real Estate: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया। टैक्स स्लैब में बदलाव किया गया। इस बजट से रियल एस्टेट को फायदा होने वाला है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं एक्सपर्ट।

union budget 2025, Nirmala Sitharaman, Real estate

बजट से रियल एस्टेट को कितना फायदा? (तस्वीर-Canva)

Budget 2025 Real Estate: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में कई 'रूपांतरकारी' टैक्स सुधारों का प्रस्ताव पेश किया जिनमें इनकम टैक्स कानून को सरल बनाने से लेकर धनप्रेषण पर टीसीएस सीमा बढ़ाने और मध्यम वर्ग को इनकम टैक्स में कई तरह के लाभ शामिल हैं। वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में मध्यम वर्ग को टैक्स बोझ और पुनर्गठित स्लैब के संबंध में राहत दी गई। सीतारमण ने ऐलान किया कि नई इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय को आयकर से छूट दी जाएगी। वेतनभोगी टैक्सपेयर्स के लिए मानक कटौती को ध्यान में रखते हुए यह आय सीमा 12.75 लाख रुपये हो जाएगी। इसका असर रियल एस्टेट पर भी पड़ेगा। आइए जानते हैं एक्सपर्ट क्या कहते हैं।

गंगा रियल्टी के ज्वाइंट मैनेजिंग डायरेक्टर विकास गर्ग वे कहा कि हम केंद्रीय बजट 2025 का स्वागत करते हैं, जो रियल एस्टेट क्षेत्र को, खास तौर पर घर खरीदने वालों के लिए, महत्वपूर्ण बढ़ावा देता है। 12 लाख तक की आय को टैक्स से छूट देने वाली मेगा टैक्स राहत मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ा बदलाव है। यह बढ़ी हुई डिस्पोजेबल आय पहली बार घर खरीदने वालों को सशक्त बनाएगी, जिससे घर खरीदना और भी आसान हो जाएगा और इस क्षेत्र में मांग बढ़ेगी। किफायती आवास के लिए सरकार का निरंतर प्रयास, साथ ही स्वामी फंड 2 के तहत 15,000 करोड़ रुपये का आवंटन, परियोजना को पूरा करने और रुके हुए विकास को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। ये उपाय न केवल आवास की सामर्थ्य को बढ़ाएंगे बल्कि घर खरीदने वालों और डेवलपर्स दोनों में ही विश्वास पैदा करेंगे।

त्रेहान ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर सारांश त्रेहान कहा कि हम केंद्रीय बजट 2025 का स्वागत करते हैं, विशेष रूप से वेतनभोगी वर्ग के लिए आवश्यक कर छूट, जिसमें 12 लाख रुपये तक की आय पर कर माफी दी गई है। यह कदम डिस्पोजेबल आय में महत्वपूर्ण वृद्धि करेगा, जिससे पहली बार घर खरीदने वालों के लिए घर का मालिकाना हक प्राप्त करना अधिक संभव होगा। सरकार द्वारा अफोर्डेबल हाउसिंग पर लगातार जोर देना एक सही दिशा में कदम है, जो इस क्षेत्र में विश्वास को मजबूत करता है और अधिक लोगों को घर मालिक बनाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

हालांकि रियल एस्टेट क्षेत्र को उद्योग का दर्जा देने और एक सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली जैसी प्रमुख उद्योग मांगें पूरी नहीं की गई हैं। ये सुधार व्यापार करने में आसानी, प्रोजेक्ट अनुमोदन को तेज करने और घरों की त्वरित डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके बावजूद, पहली बार घर खरीदने वालों और अफोर्डेबल हाउसिंग पर ध्यान केंद्रित करना एक सकारात्मक विकास है, जो मांग को बढ़ावा देगा और आर्थिक विकास का समर्थन करेगा।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

End of Article