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Budget 2027: अगले बजट की तैयारी शुरू, 12 अक्टूबर से वित्त मंत्रालय में बैठकों का महादौर

Budget 2027: वित्त मंत्रालय 12 अक्टूबर से 13 नवंबर तक मंत्रालयों के साथ बैठकें कर वित्त वर्ष 2027-28 के बजट की तैयारी शुरू करेगा। 1 फरवरी को पेश होने वाले इस बजट का मुख्य फोकस आर्थिक विकास और रोजगार पर रहेगा।

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बजट 2027-28 का बिगुल बजा: 12 अक्टूबर से मंथन शुरू, विकास और रोजगार पर रहेगा जोर (तस्वीर-ANI)

Budget 2027: केंद्र सरकार ने अपने अगले बजट यानी वित्त वर्ष 2027-28 की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। इसके तहत वित्त मंत्रालय 12 अक्टूबर से एक महीने तक चलने वाली बजट-पूर्व बैठकों का दौर आयोजित करने जा रहा है। ये बैठकें देश के विभिन्न मंत्रालयों और सरकारी विभागों के साथ होंगी, जिनमें उनके खर्चों और आने वाले साल के लिए जरूरी पैसों (फंड) पर विचार-विमर्श किया जाएगा। वित्त मंत्रालय के बजट विभाग ने 23 सितंबर को इस संबंध में एक आधिकारिक सूचना जारी की। इस नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि बैठकों की अध्यक्षता व्यय सचिव करेंगे। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य चालू वित्त वर्ष (2026-27) के संशोधित अनुमानों को अंतिम रूप देना और अगले वित्त वर्ष (2027-28) के लिए प्रस्तावित बजट का सटीक आकलन तैयार करना है।

मंत्रालयों को मिला समय, 6 अक्टूबर तक देनी होगी जानकारी

यह महत्वपूर्ण सूचना केंद्र सरकार के सभी मंत्रालयों और विभिन्न विभागों को भेज दी गई है। इसमें व्यय विभाग के साथ आयोजित होने वाली बैठकों का पूरा टाइमटेबल और कार्यक्रम शामिल है। वित्त मंत्रालय का कहना है कि बैठकों की कार्ययोजना सभी विभागों की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। कार्यक्रम को काफी पहले जारी करने का उद्देश्य यही है कि सभी विभागों को अपनी मांगों और दस्तावेजों को तैयार करने का पर्याप्त समय मिल सके।

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी मंत्रालयों और विभागों को बैठकों के लिए आवश्यक आंकड़े, दस्तावेज और जानकारी 6 अक्टूबर, 2026 तक जमा कराने होंगे। निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, बैठकों का यह सिलसिला 12 अक्टूबर से शुरू होकर 13 नवंबर तक लगातार चलेगा। बैठकों का यह दौर समाप्त होने के बाद, वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमानों को अस्थायी (प्रॉविशनल) रूप से अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

निर्मला सीतारमण का लगातार 10वां बजट

अगला केंद्रीय बजट 1 फरवरी को संसद में पेश किए जाने की पूरी संभावना है। यह बजट मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का चौथा बजट होगा। इसके साथ ही, देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नाम एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ेगी। यह उनके कार्यकाल का लगातार दसवां बजट भाषण होगा। आर्थिक एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार के बजट का मुख्य ध्यान देश की आर्थिक वृद्धि दर (जीडीपी ग्रोथ) को और गति देने पर रहेगा। इसके साथ ही, अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए कई बड़े सुधारों को आगे बढ़ाया जा सकता है। सरकार का खास जोर नए रोजगार के अवसर पैदा करने और देश के भीतर आम लोगों की खरीद क्षमता यानी घरेलू मांग को बढ़ाने पर रहेगा, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था को वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भी मजबूत बनाए रखा जा सके।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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