Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश कर दिया है, जो भारत की आर्थिक दिशा को दर्शाने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। इस बार का कुल बजट 53.47 लाख करोड़ रुपये का है। अगर इसकी तुलना पिछले साल (2025-26) के बजट अनुमानों से की जाए, तो इसमें 5.5 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बजट मूल रूप से सरकार का वह रिपोर्ट कार्ड होता है, जिसमें वह देश को बताती है कि आने वाले एक साल में उसकी कुल कमाई कितनी होगी और उस पैसे को किन-किन मदों में खर्च किया जाएगा। Budget 2026 में सरकार ने यह साफ कर दिया है कि उसका फोकस इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक क्षेत्रों पर बना हुआ है। Expenditure of Major Items से जुड़ा यह आंकड़ा दिखाता है कि केंद्र सरकार किन-किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा निवेश कर रही है और किन सेक्टर्स को प्राथमिकता दी गई है।
किसको कितना मिला बजट?
सबसे बड़ा हिस्सा रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) को मिला देश की सीमाओं की सुरक्षा और सैन्य आधुनिकीकरण के लिए सबसे अधिक ₹7,84,678.28 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) को आंतरिक सुरक्षा और राज्यों की पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ₹2,55,233.53 करोड़ काप्रावधान किया गया है।
खाद्य और सार्वजनिक वितरण (Consumer Affairs, Food & Public Distribution) को गरीबों को मुफ्त अनाज और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ₹2,39,521.37 करोड़ दिए गए हैं।
रसायन और उर्वरक मंत्रालय (Chemicals and Fertilizers) को किसानों को सस्ती दरों पर खाद उपलब्ध कराने और फर्टिलाइजर सब्सिडी के लिए ₹1,77,061.47 करोड़ आवंटित हैं।
कृषि एवं किसान कल्याण (Agriculture and Farmers' Welfare) को खेती-किसानी और नई योजनाओं के लिए सरकार ने ₹1,40,528.78 करोड़ का फंड तय किया है।
शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) को स्कूलों और उच्च शिक्षा संस्थानों को बेहतर बनाने के लिए ₹1,39,289.48 करोड़ का बजट रखा गया है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण (Health and Family Welfare): चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और नई स्वास्थ्य योजनाओं के लिए ₹1,06,530.42 करोड़ का आवंटन हुआ है।
संचार मंत्रालय (Ministry of Communications) को डिजिटल कनेक्टिविटी और टेलीकॉम सेक्टर के विकास के लिए ₹1,02,267.02 करोड़ दिए गए हैं।
