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Budget 2023: 1947 से लेकर अब तक, जानिए बजट से जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्स

  • Authored by: डिंपल अलावाधी
  • Updated Jan 16, 2023, 10:50 AM IST

Budget 2023: वित्त वर्ष 2023-24 का बजट पेश होने में बस कुछ ही दिन बाकी हैं। महंगाई और आर्थिक ग्रोथ के मद्देनजर इस साल का बजट सभी सेक्टर्स के लिए बेहद अहम है।

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Budget 2023: 1947 से लेकर अब तक, जानिए बजट से जुड़े कुछ रोचक फैक्ट्स

Photo : iStock

नई दिल्ली। 1 फरवरी 2023 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) की ओर से देश का बजट पेश किया जाएगा। देश के सभी लोग बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं क्योंकि इस बार लोगों को काफी उम्मीदें हैं। आइए साल 1947 से लेकर अब तक बजट से जुड़े कुछ रोचक तथ्यों (Budget Facts) के बारे में जानते हैं जो कुछ ही लोगों को पता हैं।

इस साल पेश हुआ था देश का पहला बजट

भारत का पहला बजट 15 अगस्त 1947 को आजाद होने के तीन महीने के अंदर ही पेश हो गया था। 26 नवंबर 1947 को आर के शनमुखम शेट्टी की ओर से आजाद भारत का पहला बजट (India's First Budget) पेश किया गया था। हालांकि यह पूर्ण बजट नहीं था, लेकिन इसे इकोनॉमी की समीक्षा कहा जा सकता था। देश के पहले बजट में टैक्स से जुड़ा कोई भी प्रस्ताव पेश नहीं हुआ था क्योंकि 1948-49 का बजट सिर्फ 95 दिन ही दूर था।

बजट तैयार करने वालों को नहीं मिलती घर जाने की अनुमति

बजट की छपाई करने का काम बहुत ही गोपनीय होता है। कोई जरूरी जानकारी लीक ना हो, इसका पूरा ध्यान दिया जाता है। इसलिए बजट की छपाई के प्रोसेस से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को कुछ दिनों के लिए पूरी दुनिया से कटा रहना पड़ता है। यानी इन अधिकारियों व कर्मचारियों को घर जाने की इजाजत नहीं मिलती है। जब देश की वित्त मंत्री लोक सभा में बजट पेश करती है, तभी इन्हें नॉर्थ ब्लॉक से बाहर जाने की इजाजत होती है।

भारत में पेश हुआ था काला बजट

साल 1973-74 में तत्कालीन वित्त मंत्री यशवंतराव बी चव्हाण की ओर से पेश किए गए बजट को काला बजट (Black Budget) का नाम दिया गया था। ऐसा इसलिए क्योंकि उस बजट में 550 करोड़ से भी ज्यादा का घाटा था।

पहले पूर्ण बजट में शामिल नहीं होता था रेल बजट

साल 2017 तक रेल बजट ( Railway Budget) को पूर्ण बजट से अलग पेश किया जाता था। दोनों को एक साथ शामिल नहीं किया जाता था। 92 साल तक रेल बजट अलग से ही पेश होता था। बाद में यह पूर्ण बजट से अलग पेश होने लगा।

बजट पेश करने वाली दूसरी महिला वित्त मंत्री

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण दूसरी ऐसी महिला वित्त मंत्री हैं, जिन्होंने भारत का बजट पेश किया। इससे पहले साल 1970-71 में इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) ने बजट पेश किया था।

सबसे ज्यादा बार इन्होंने पेश किया बजट

भारत में अब तक सबसे ज्यादा बार बजट मोरारजी देसाई ने पेश किया है। मोरारजी देसाई ने साल 1959 में देश के वित्त मंत्री बने थे। उन्होंने 10 बार बजट पेश किया, जिनमें आठ पूर्ण बजट और दो अंतरिम बजट (Interim Budget) शामिल हैं। मोरारजी देसाई के बाद सबसे ज्यादा बजट पी चिदंबरम ने पेश किए हैं। उन्होंने आठ बार बजट पेश किया। वहीं प्रणब मुखर्जी, यशवंत सिन्हा, वाईबी चौहान और सीडी देशमुख ने सात बार बजट पेश किया था।

पहले सिर्फ अंग्रेजी में पेश होता था बजट

साल 1955 तक भारत का बजट हिंदी में नहीं, बल्कि सिर्फ अंग्रेजी भाषा में ही पेश किया जाता था। लेकिन वित्त वर्ष 1955-56 से बजट को अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में छापना शुरू किया गया।

डिंपल अलावाधी
डिंपल अलावाधीauthor

बिजनेस डेस्क पर कार्यरत डिंपल अलावाधी की कारोबार के विषयों पर अच्छी पकड़ है। पत्रकारिता में 5 साल से ज्यादा का अनुभव रखने वाली डिंपल की व्यापार में खास रुचि है। पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर के मामलों में विशेष दिलचस्पी है।

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