Apple iPhone Production In India: वित्त वर्ष 2023-24 में अप्रैल-जनवरी की 10 महीने की अवधि के दौरान भारत में एप्पल के आईफोन का प्रोडक्शन 10 अरब डॉलर (करीब 83000 करोड़ रु) का आंकड़ा पार कर गया। यह वित्त वर्ष 2022-23 में एप्पल के 7 अरब डॉलर (करीब 58000 करोड़ रु) के प्रोडक्शन से लगभग 30% अधिक है। इस कुल उत्पादन का 70% से अधिक यूरोप, अमेरिका और एशियाई देशों में निर्यात किया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि FY24 वो पहला वित्त वर्ष है जब एप्पल हर महीने औसतन 1 अरब डॉलर (करीब 8300 करोड़ रु) से अधिक का उत्पादन कर रही है, जबकि FY23 में यह मंथली आंकड़ा 62 करोड़ डॉलर (करीब 5140 करोड़ रु) का था।
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तीन कंपनियों का कमाल
यह प्रोडक्शन एप्पल के तीन वेंडरों ने किया है, जिनमें फॉक्सकॉन होन हाई, पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन शामिल है। बता दें कि विस्ट्रॉन अब टाटा ग्रुप का हिस्सा है और कर्नाटक में स्थित है। वहीं बाकी दोनों कंपनियां तमिलनाडु में स्थित हैं।
1 लाख लोगों को मिली जॉब
2023 में एप्पल के इकोसिस्टम से एक लाख से अधिक नई डायरेक्ट नौकरियाँ क्रिएट हुईं। ये तीनों कंपनियां सरकार की स्मार्टफोन प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना में शामिल हैं। स्मार्टफोन के लिए पीएलआई योजना को कई मायनों (प्रोडक्शन ग्रोथ, एक्सपोर्ट, रोजगार के अवसर और निवेश) में बाकी सेक्टरों की पीएलआई योजनाओं में अब तक सबसे सफल माना जाता है।
फॉक्सकॉन है नंबर 1
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार आंकड़ों और वेंडरों की तरफ से फाइल की गई जानकारी के मुताबिक कुल उत्पादन में सबसे बड़ा योगदान फॉक्सकॉन होन हाई का है। कुल प्रोडक्शन में इसकी हिस्सेदारी 70% से अधिक है। वहीं पेगाट्रॉन और विस्ट्रॉन ने मिलकर बाकी 30% का योगदान दिया है।
