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Reliance Infra Share Price: खत्म हो जाएगा अनिल अंबानी की कंपनी का वजूद ! आखिर क्या होने जा रहा ऐसा

Reliance Infrastructure Merger Plan: अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने शनिवार को अपनी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस वेलोसिटी लिमिटेड (आरवीएल) के खुद के साथ विलय का ऐलान किया है।

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रिलायंस इंफ्रा का मर्जर प्लान

KEY HIGHLIGHTS
  • रिलायंस इंफ्रा का मर्जर प्लान
  • खुद के साथ मर्ज करेगी सब्सिडियरी कंपनी का विलय
  • कॉस्ट में आएगी कमी

Reliance Infrastructure Merger Plan: अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की इंटीग्रेटेड पावर यूटिलिटी कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने शनिवार को अपनी सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस वेलोसिटी लिमिटेड (आरवीएल) के खुद के साथ विलय का ऐलान किया है। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा कि इसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कंपनी और रिलायंस वेलोसिटी लिमिटेड और उनके संबंधित शेयरहोल्डर्स के बीच व्यवस्था की योजना (Scheme of Arrangement) को मंजूरी दे दी है, जिसके नतीजे में इसकी सब्सिडियरी कंपनी का रिलायंस इंफ्रा के साथ विलय हो जाएगा।

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पिछले साल किया था ऐलान

रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार, पिछले साल दिसंबर में, रिलायंस इंफ्रा ने घोषणा की थी कि अनिल अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी ने एक नई सब्सिडियरी कंपनी बनाई है, जो रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन के दायरे में नहीं आती, क्योंकि रिलायंस वेलोसिटी ऑटोमोबाइल और इसी से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों की इंडस्ट्री से संबंधित है।

क्या है मर्जर का मकसद

इस मर्जर से रिलायंस वेलोसिटी का वजूद खत्म हो जाएगा। रिलायंस इन्फ्रा ने कहा कि यह विलय रिलायंस ग्रुप के स्ट्रक्चर को युक्तिसंगत और कंसोलिडेट करने के प्रयास का हिस्सा है और इससे एफिशिएंसी में सुधार होगा और लागत में बचत होगी।

क्या है रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का बिजनेस

अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर बिजली, सड़क, मेट्रो रेल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्टर सेक्टर के लिए इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन सर्विसेज ऑफर करती है। कंपनी रक्षा क्षेत्र और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में कई परियोजनाओं के कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव में शामिल है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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