Reliance Power Share Price: पिछले एक महीने में रिलायंस पावर के शेयर में करीब 40% की जबरदस्त रैली देखने को मिली है। कमजोर फंडामेंटल्स और Anil Ambani समूह की बढ़ती कानूनी मुश्किलों के बावजूद आखिर R Power की इस रैली को कहां से सपोर्ट मिल रहा है। इससे भी बड़ा सवाल ये है कि क्या यह तेजी टिकेगी या जल्द थमेगी?
फंडामेंटल और वैल्यूएशन हेल्थ कैसी?
स्टॉक वैल्यूएशन के हिसाब से सस्ता दिखता है। क्योंकि, P/B रेश्यो 1 से नीचे है, जो बताता है कि स्टॉक अपनी बुक वैल्यू से नीचे ट्रेड कर रहा है। लेकिन फंडामेंटल्स कमजोर हैं। कुल कर्ज काफी करीब 15,200 करोड़ रुपये के आसपास है। ROE नेगेटिव है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने शेयरहोल्डर्स के लगाए पैसे पर मुनाफा कमाने के बजाय नुकसान कर रही है। ग्रोथ लगभग ठहरी हुई है। हालिया तेजी ज्यादा ट्रेडिंग और सेंटीमेंट ड्रिवन नजर आती है, न कि मजबूत बिजनेस पर आधारित।

कंपनी के फंडामेंटल में नहीं दम
क्यों आई तेजी?
रिलायंस पावर लंबे समय से लो-प्राइस बैंड में फंसा रहा है। ऐसे स्टॉक्स में छोटी-सी खरीदारी भी बड़े प्रतिशत मूव में बदल जाती है। 20–21 रुपये के स्तर से उछलकर 28–29 रुपये पहुंचना इसी हाई बीटा नेचर को दिखाता है, जहां रिटेल और ट्रेडर्स की एंट्री तेजी को और तेज कर देती है।सेक्टर थीम ने दिया सपोर्ट
हाल के महीनों में पावर और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर पर बाजार का फोकस बढ़ा है। सरकार की कैपेक्स योजनाएं और बिजली की बढ़ती मांग ने निवेशकों को इस थीम की ओर आकर्षित किया। इसका फायदा छोटे और अंडरपरफॉर्मिंग स्टॉक्स जैसे रिलायंस पावर को भी मिला।
इसके अलावा कंपनी की तरफ से वारंट इश्यू के जरिए 600 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटाने और BESS व सोलर प्रोजेक्ट्स की प्रगति ने भी सेंटीमेंट को सपोर्ट किया है। भूटान में 500 MW प्रोजेक्ट जैसी खबरों ने स्टोरी में “टर्नअराउंड” का एंगल जोड़ दिया।
शॉर्ट कवरिंग और ट्रेडिंग मूव
मार्केट में इस तेजी का एक बड़ा हिस्सा शॉर्ट कवरिंग और मोमेंटम ट्रेडिंग से भी जुड़ा माना जा रहा है। जैसे ही स्टॉक में तेजी आई, शॉर्ट पोजीशन कवर होने लगीं और रैली को और बल मिला। यह संकेत देता है कि मूव का एक हिस्सा तकनीकी भी है, सिर्फ फंडामेंटल नहीं।
लेकिन जोखिम अब भी बरकरार
कंपनी पर भारी कर्ज, कमजोर ROE और अतीत में डिफॉल्ट की घटनाएं अभी भी बड़ी चिंता हैं। यही वजह है कि यह तेजी फिलहाल मजबूत फंडामेंटल सपोर्ट के बजाय सेंटीमेंट और ट्रेडिंग ड्रिवन ज्यादा लगती है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
रिलायंस पावर का यह उछाल आकर्षक जरूर दिखता है, लेकिन इसे टिकाऊ ट्रेंड मानना जल्दबाजी हो सकती है। यह स्टॉक फिलहाल हाई रिस्क–हाई रिटर्न कैटेगरी में है, जहां हर तेजी के साथ गिरावट का खतरा भी उतना ही बड़ा रहता है।
डिस्क्लेमर: TIMES NOW नवभारत किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ या कमोडिटी में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।
