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US-Iran लड़ाई ने बिगाड़ा घर का बजट, लगातार 5वें महीने बढ़ी महंगाई, एक साल के शीर्ष स्तर पर CPI

अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग भारत के लिए भारी पड़ रही है। सोमवार को सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में महंगाई सालभर के शीर्ष स्तर पर पहुंच गई है।

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महंगाई उठा रही सिर

CPI inflation Rate India : भारत में खुदरा महंगाई अब रफ्तार पकड़ रही है। यह लगातार पांचवां महीना है, जब CPI Inflation बढ़ा है। मार्च 2026 में CPI 3.40% पर पहुंच गया, जो लगातार पांचवें महीने बढ़ा है। हालांकि, यह स्तर अब भी RBI की तरफ से घोषित महंगाई की रेंज में है। लेकिन, ईरान-यूएस तनाव से तेल कीमतों में उछाल महंगाई के ट्रेंड को पलट सकता है। महंगाई का मौजूदा स्तर राहत जरूर देता है, लेकिन ट्रेंड बदलने के संकेत दिखने लगे हैं। ईरान वार अगर गहराता है, तो यह मामूली बढ़त बड़े उछाल में बदल सकती है और भारतीय अर्थव्यवस्था पर नया दबाव बना सकती है।

लगातार पांचवे महीने बढ़ी महंगाई

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में खुदरा महंगाई 3.40% रही, जो फरवरी के 3.21% से ज्यादा है। भारत में खुदरा महंगाई में लगातार पांचवें महीने बढ़त देखने को मिली है। इससे पहले जनवरी में 2.74%, दिसंबर में करीब 1.33% और नवंबर 2025 में यह 1% से भी नीचे के स्तर पर थी। इस तरह नवंबर से शुरू हुआ महंगाई का अपट्रेंड लगातार जारी है और अब यह एक साल के उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, जो आने वाले महीनों में और दबाव बढ़ने के संकेत देता है।

One Year CPI

लगातार बढ़ रही महंगाई

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दबाव

डेटा दिखाता है कि ग्रामीण महंगाई 3.63% रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.11% है। यानी महंगाई का असर गांवों में ज्यादा महसूस किया जा रहा है, जहां खाद्य और जरूरी वस्तुओं की कीमतों का वजन अधिक होता है।

फूड इंफ्लेशन ने बढ़ाई चिंता

मार्च में फूड इंफ्लेशन 3.87% तक पहुंच गया, जो कुल महंगाई से ज्यादा है। सब्जियों की कीमतों में उछाल इसका बड़ा कारण रहा, हालांकि कुछ वस्तुओं में गिरावट ने कुल आंकड़े को संतुलित रखा।

ईरान वार से क्यों बढ़ेगा जोखिम

मौजूदा महंगाई इसलिए काबू में दिख रही है क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उछाल नहीं आया है। लेकिन अगर ईरान-यूएस तनाव बढ़ता है और सप्लाई प्रभावित होती है, तो तेल की कीमतें तेजी से ऊपर जा सकती हैं। इसका सीधा असर भारत की महंगाई पर पड़ेगा।

डेटा दे रहा है शुरुआती संकेत

मार्च के आंकड़ों में कुछ कैटेगरी में पहले ही तेज महंगाई दिख रही है। टमाटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों में 30% से ज्यादा उछाल दर्ज हुआ, जबकि ज्वेलरी सेगमेंट में भी कीमतें ऊंची बनी हुई हैं।

सबसे महंगे आइटमफरवरी (%)मार्च (%)बदलाव (%)सबसे सस्ते आइटमफरवरी (%)मार्च (%)बदलाव (%)
सिल्वर ज्वेलरी160.88148.61-12.27प्याज-28.20-27.76+0.44
गोल्ड/डायमंड/प्लैटिनम ज्वेलरी48.1745.92-2.25आलू-18.47-18.98-0.51
नारियल (Copra)46.1645.52-0.64लहसुन-31.10-10.18+20.92
टमाटर45.1835.99-9.19अरहर/तूर दाल-16.00-9.56+6.44
फूलगोभी43.7634.11-9.65मटर/चना-8.26-7.87+0.39
हालांकि महंगाई अभी RBI के टारगेट के भीतर है, लेकिन लगातार दूसरे महीने की बढ़त और जियो-पॉलिटिकल जोखिम आगे की पॉलिसी को जटिल बना सकते हैं। अगर तेल महंगा होता है, तो ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश सीमित हो सकती है।
Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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