AI jobs in India: देश में कृत्रिम मेधा (Artificial Intelligence) से जुड़ी नौकरियों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। वैश्विक ऑनलाइन भर्ती मंच ‘इनडीड’ द्वारा जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2025 में एआई-संबंधित नौकरियों में 11.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह वृद्धि दर 8.2 प्रतिशत थी। यह आंकड़ा दर्शाता है कि भारतीय नौकरी बाजार में एआई स्किल की डिमांड पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है।
तीन महीने में भी दिखी तेज रफ्तार
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि तीन महीने पहले भी AI स्किल वाली नौकरियों में 10.6 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई थी। इसका अर्थ है कि एआई से जुड़ी भर्ती गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इनडीड के एशिया-प्रशांत क्षेत्र के वरिष्ठ अर्थशास्त्री कैलम पिकरिंग ने कहा कि भारत, AI नौकरियों के मामले में अन्य देशों की तुलना में अग्रणी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि भारत को छोड़कर केवल सिंगापुर में ही AI से जुड़ी नौकरियों की डिमांड इतनी अधिक है। यह स्पष्ट है कि भारत के नियोक्ता तेजी से AI-आधारित इनोवेशन और तकनीक पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
तकनीकी क्षेत्र से बाहर भी फैल रहा एआई प्रभाव
रिपोर्ट बताती है कि AI से जुड़ी नौकरियां अब केवल टैक्नोलॉजी सेक्टर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि अन्य उद्योगों में भी इसका विस्तार हो रहा है। डेटा और एनालिटिक्स क्षेत्र में करीब 39 प्रतिशत नौकरियों में AI स्किल की डिमांड दर्ज की गई है। सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में यह आंकड़ा 23 प्रतिशत, बीमा क्षेत्र में 18 प्रतिशत और वैज्ञानिक अनुसंधान में 17 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
इंजीनियरिंग के क्षेत्र में भी बढ़ी मांग
रिपोर्ट के अनुसार, AI स्किल की डिमांड इंजीनियरिंग के विभिन्न क्षेत्रों में भी दिखाई दे रही है। औद्योगिक इंजीनियरिंग में एआई से जुड़ी नौकरियों का हिस्सा 17 प्रतिशत, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 11 प्रतिशत और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 9.2 प्रतिशत दर्ज किया गया है।
कुल भर्तियों में मामूली गिरावट, पर बाजार मजबूत
हालांकि रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सितंबर महीने में भर्ती के कुल विज्ञापनों में 0.8 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो लगातार छठा महीना है जब कुल भर्तियों में कमी देखी गई। इसके बावजूद, इनडीड का कहना है कि भारत का संगठित क्षेत्र अभी भी मजबूत है और पर्याप्त रोजगार अवसर उपलब्ध हैं।
एक्सपर्ट्स की बढ़ी जरुरत
इनडीड ने यह भी स्पष्ट किया कि एआई के बढ़ते प्रभाव के चलते कंपनियां ऐसे कर्मचारियों की तलाश में हैं जो डेटा एनालिटिक्स, स्वचालन (Automation) और एआई मॉडलिंग जैसे क्षेत्रों में दक्ष हों। हालांकि, वर्तमान में ऐसे विशेषज्ञों की संख्या सीमित है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर एआई शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर बल दिया जाए, तो भारत जल्द ही इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
