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Aggressive Hybrid Funds: कमाल का एग्रेसिव हाइब्रिड फंड, 10000 की SIP से 5 साल में बने 13 लाख, 30% का सालाना रिटर्न

Bank of India Mid & Small Cap Equity & Debt Fund – Direct Plan: अगर कोई निवेशक इस एग्रेसिव फंड में बीते 5 सालों में 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी करता तो उसका लगभग 13 लाख रुपये का फंड तैयार हो गया होता। इसमें 6 लाख रु का निवेश और बाकी 7 लाख रु का रिटर्न होता।

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बैंक ऑफ इंडिया मिड एंड स्मॉल कैप इक्विटी एंड डेट फंड का रिटर्न

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • बैंक ऑफ इंडिया का एग्रेसिव हाइब्रिड फंड रहा शानदार
  • दे रहा सालाना 30 फीसदी रिटर्न
  • 5 साल में दिया तगड़ा मुनाफा

Bank of India Mid & Small Cap Equity & Debt Fund – Direct Plan: एग्रेसिव हाइब्रिड फंड म्यूचुअल फंड की एक कैटेगरी है जो स्टॉक और डेट इंस्ट्रूमेंट दोनों में निवेश करती है। हालांकि इसमें मेन फोकस इक्विटी पर रहता है। इस कैटेगरी के फंड अपनी एसेट्स का 65% से 80% इक्विटी और इक्विटी से संबंधित सिक्योरिटीज में लगाते हैं। जबकि बाकी 20% से 35% डेट और मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं। इस रणनीति का मकसद स्थिरता के साथ ग्रोथ कैपेसिटी को बैलेंस करना होता है। यहां हम बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड के एक एग्रेसिव हाइब्रिड फंड की चर्चा करेंगे, जिसने पिछले पांच वर्षों में निवेशकों को लगभग 30% सालाना रिटर्न दिया है।

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बैंक ऑफ इंडिया मिड एंड स्मॉल कैप इक्विटी एंड डेट फंड - डायरेक्ट प्लान

ये फंड है बैंक ऑफ इंडिया मिड एंड स्मॉल कैप इक्विटी एंड डेट फंड - डायरेक्ट प्लान। फंड ने 3, 5 और 7 साल की अवधि में शानदार प्रदर्शन किया है और पिछले पांच वर्षों में लगभग 30% का सालाना रिटर्न दिया है।

अगर कोई निवेशक इस फंड में बीते 5 सालों में 10,000 रुपये की मासिक एसआईपी करता तो उसका लगभग 13 लाख रुपये का फंड तैयार हो गया होता। इसमें 6 लाख रु का निवेश और बाकी 7 लाख रु का रिटर्न होता।

इक्विटी और बॉन्ड में कितना-कितना निवेश

यह एग्रेसिव हाइब्रिड फंड अपनी एसेट्स का 65-80% इक्विटी स्टॉक में और बाकी 20-35% बॉन्ड में लगाता है, जिससे बढ़िया रिटर्न जनरेट होने की इसकी क्षमता दिखती है। फंड ने बीते 3 सालों में सालाना 21.25 फीसदी और 7 सालों में सालाना 18.44 फीसदी रिटर्न दिया है।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर म्यूचुअल फंड के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। म्यूचुअल फंड में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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