बिजनेस

Swiggy IPO Listing: IPO हो तो Swiggy जैसा, 500 कर्मचारी बन गए करोड़पति ! जानें आखिर कैसे हुआ ये कमाल

Swiggy IPO Listing: स्विगी ने हुंडई मोटर इंडिया के बाद इस साल भारत के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ में 11,327 करोड़ रु जुटाए। दूसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनी होने के बावजूद, इसे अपने पब्लिक इश्यू के लिए सुस्त रेस्पॉन्स मिला, जिसे 6-8 नवंबर के बीच 371-390 रु प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर पेश किया गया था।

Image

स्विगी के 500 कर्मचारी करोड़पति बने

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • स्विगी के कर्मचारियों की मौज
  • 500 से ज्यादा लोग बने करोड़पति
  • ESOP ऑप्शन से मिला फायदा

Swiggy IPO Listing: आज 13 नवंबर को बुधवार फूड डिलिवरी प्लेटफॉर्म स्विगी की शेयर बाजार में लिस्टिंग हो गई है। स्विगी BSE और NSE पर लिस्ट हो गई है। BSE पर इसका शेयर आईपीओ प्राइस यानी 390 रु के 5.64 फीसदी (22 रु) प्रीमियम के साथ 412 रु पर लिस्ट हुआ। वहीं NSE पर ये आईपीओ प्राइस से 30 रु या 7.69 फीसदी की मजबूती के साथ 420 रु पर लिस्ट हुआ है। आईपीओ आते ही स्विगी के 500 कर्मचारी करोड़पति बन गए हैं। ऐसा ESOP (Employee Stock Ownership Plan) के चलते हुआ है। क्या होता है ESOP आगे जानिए।

ये भी पढ़ें -

What Is ESOP (Employee Stock Ownership Plan)

ESOP के तहत, एम्प्लॉयर यानी कंपनी अपने कर्मचारियों को कम या बिना किसी खर्च के कंपनी के स्टॉक देती है, जिसे वे एक निश्चित अवधि के बाद एक तय कीमत पर रिडीम कर सकते हैं। यानी उन्हें उन शेयरों के बदले पैसा मिलता है।

500 से अधिक कर्मचारियों की मौज

स्विगी की लिस्टिंग से इसके 500 से अधिक कर्मचारियों की मौज हो गई है। आज स्टॉक एक्सचेंजों पर कंपनी की लिस्टिंग के बाद प्रत्येक ने 1 करोड़ रु कमा लिए। फॉर्च्यून इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार अनुमान है कि कंपनी 5,000 मौजूदा और पूर्व कर्मचारियों को 390 रु प्रति शेयर के ऊपर प्राइस बैंड पर लगभग 9,000 करोड़ रु के ESOP ऑप्शन का भुगतान करेगी।

इस साल जुलाई में, स्विगी ने कंपनी के कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रु का ESOP बायबैक प्रोग्राम लॉन्च किया था।

अप्रैल में अलॉट किए थे ESOP

इससे पहले, अप्रैल में, कंपनी ने अपने टॉप मैनेजमेंट को 271 मिलियन डॉलर (2287 करोड़ रु) के ईएसओपी अलॉट किए थे, जिसमें ग्रुप के सीईओ श्रीहर्ष मजेटी, को-फाउंडर नंदन रेड्डी और फणी किशन अडेपल्ली, सीएफओ राहुल बोथरा, सीटीओ मधुसूदन राव, फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर और इंस्टामार्ट के सीईओ अमितेश झा शामिल थे।

2024 का दूसरा सबसे बड़ा आईपीओ

स्विगी ने हुंडई मोटर इंडिया के बाद इस साल भारत के दूसरे सबसे बड़े आईपीओ में 11,327 करोड़ रु जुटाए। दूसरी सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और फूड डिलीवरी कंपनी होने के बावजूद, इसे अपने पब्लिक इश्यू के लिए सुस्त रेस्पॉन्स मिला, जिसे 6-8 नवंबर के बीच 371-390 रु प्रति शेयर के प्राइस बैंड पर पेश किया गया था।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article