Financial Planning For Job Loss: कोरोना आने के बाद करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई थी। उसके बाद जानकारों ने सलाह दी कि कोरोना जैसे संकट के लिए लोगों को तैयारी रखनी चाहिए। ये तैयारी फाइनेंशियल होनी चाहिए।
अब फिर से नौकरी छूटना कई सैलेरी वाले लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि हाल के समय में कई भारतीय और वैश्विक कंपनियों ने नौकरी में कटौती की है। खास कर आईटी कंपनियों में नौकरियों में कटौती देखी गई है। पुरानी कहावत है कि इलाज से परहेज अच्छा। इसलिए आपको भी नौकरी छूटने की स्थिति में खुद को वित्तीय रूप से मजबूत रखने की आवश्यकता है। नौकरी छूटने पर आर्थिक रूप से तैयार रहने के 5 टिप्स हैं।
टालने योग्य खर्चे
उन खर्चों से बचें, जिनकी कोई जरूरत नहीं है। ऐसे खर्चों के बारे में सोचने में समय बर्बाद न करें। इस तरह से आपको अधिक पैसे बचाने में मदद मिलेगी। ऐसी बचत से एक बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। यह याद रखने वाली बात है कि बचाया गया हर पैसा कमाया हुआ पैसा होता है।
इमरजेंसी फंड
यदि आपके इमरजेंसी फंड नहीं है या इतना पर्याप्त पैसा हाथ में नहीं है, जिससे आप कुछ महीनों का खर्च चला सकें तो आज ही इमरजेंसी फंड बनाना शुरू करें। यदि आप मासिक खर्च 40,000 रुपये है तो आपको 5 लाख तक का इमरजेंसी फंड बनाना चाहिए। हर 10 फीसदी अतिरिक्त खर्च के लिए आपको इमरजेंसी फंड की राशि बढ़ानी होगी।
अपने निवेश को संरक्षित करें
अपने वर्तमान निवेश पर नज़र रखें। यदि जरूरी हो तो अपने वित्तीय सलाहकार या किसी एक्सपर्ट की मदद से इसका रिव्यू करें। नौकरी छूट जाने पर स्टॉक या इक्विटी-ओरिएंटेड निवेश जैसे इक्विटी म्यूचुअल फंड जैसे उच्च जोखिम वाले प्रोडक्ट से बाहर निकलना बेहतर है।
अपना बीमा कवर बढ़ाएँ
मेडिकल बिल आपकी जेब पर बड़ा बोझ डाल सकते हैं। पर्याप्त बीमा कवर होना बहुत जरूरी है। कभी भी बीमा प्रीमियम न रोकें, खासकर मेडिकल कवर। यदि आपकी नौकरी चली गई और कोई मेडिकल इमरजेंसी आ गई तो वो आपकी सारी बचत खत्म कर सकती है।
लोन से बचें
अपनी वित्तीय देनदारियों को कंट्रोल में रखें। मासिक ईएमआई आपकी जेब पर भारी पड़ेगी। इसलिए लोन से बचें। बल्कि यदि कोई लोन हो तो उसे जल्द से जल्द निपटाने की सोचें।
