देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। बता दें कि 8वें वेतन आयोग लागू होने की 18 महीने की समय-सीमा में से लगभग 11 महीने बीत चुके हैं। अभी भी आयोग के सदस्य कर्मचारी व पेंशनभोगी समूहों के साथ बातचीत कर रहे हैं। कर्मचारी संगठनों के साथ अगली बैठकें 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में और उसके बाद 22-23 अक्टूबर को मुंबई में होनी हैं। बैठकों का दौर खत्म होने के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट सौंपेगा। उसके बाद सरकार की समीक्षा और अधिसूचना जारी की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद नया वेतन आयोग लागू किया जाएगा। आइए समझते हैं कि कब सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी हो सकती है।
फरवरी या मार्च तक रिपोर्ट आने की उम्मीद
8वें CPC ने अब तक 14 जगहों का दौरा किया है और सैकड़ों कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के साथ बातचीत की है। इसकी 18 महीने की समय-सीमा मई 2027 तक है। एक्सपर्ट का मानना है कि अगर नवंबर तक सभी बातचीत पूरी हो जाती हैं, तो रिपोर्ट फरवरी या मार्च तक आ सकती है।
रिपोर्ट सौंपने के बाद तुरंत नहीं बढ़ेगी सैलरी
जानकारों का कहना है कि आयोग द्वारा रिपोर्ट सौंपने का मतलब तुरंत सैलरी में बढ़ोतरी से नहीं है। जब वेतन आयोग अपनी सिफारिशें तैयार कर लेता है, तो प्रक्रिया वहीं खत्म नहीं होती। रिपोर्ट को जांच के लिए सरकार द्वारा चुने गए मंत्रियों के एक समूह को भेजा जाता है। यह समूह स्पष्टीकरण मांग सकता है या बदलाव का सुझाव दे सकता है। इस समीक्षा के बाद, सरकार सिफारिशों को नोटिफाई करने का अंतिम कदम उठाती है।
सरकार कितना वक्त ले सकती है?
आयोग की ओर से रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है। सरकार को सिफारिशों को लागू करने में लगभग तीन से चार महीने लग सकते हैं। ऐसे में नई सिफारिशें 2027 के आखिर तक देखने को मिल सकती हैं, हालांकि नए वेतनमान 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। इन्हें असल में लागू करने का समय सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा। यानी बढ़ी हुई सैलरी 2028 की शुरुआत से मिल सकती है।
कितना एरियर मिल सकता है?
कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित वेतन लागू होने की तारीख और उसके असल में लागू होने के बीच की अवधि का बकाया मिल सकता है। सूत्रों के अनुसार, नए वेतनमान 1 जनवरी, 2026 से लागू होने की उम्मीद है। इसलिए, लागू करने की प्रक्रिया में जितना ज्यादा समय लगेगा, बकाया भुगतान की अवधि भी उतनी ही लंबी हो सकती है।
पिछली रिपोर्ट तैयार होने में कितना समय लगा था?
पिछले वेतन आयोगों ने अपना काम पूरा करने में अलग-अलग समय लिया है। 7वें वेतन आयोग का गठन फरवरी 2014 में हुआ था और उसने नवंबर 2015 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। 6ठे वेतन आयोग का गठन अक्टूबर 2006 में हुआ था और उसने मार्च 2008 में अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि रिपोर्ट तैयार करने में एक साल से ज्यादा का समय लग सकता है।
