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8th Pay Commission: न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर पर तस्वीर साफ, जानें वेतन-पेंशन में कितनी होगी बढ़ोतरी?

DA डेटा के आधार पर, 8वें वेतन आयोग के लिए 1.60 का न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर अब पक्का हो गया है। हालांकि, कोविड के सालों के दौरान फ्रीज किया गया DA और लागू होने से पहले भविष्य में DA में बढ़ोतरी का मतलब है कि अंतिम आंकड़ा शायद 2 के करीब हो सकता है।

8th pay commission

8वां वेतन आयोग

8th Pay Commission: देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार कर रहे हैं। सेंट्रल गवर्नमेंट कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इन तमाम अटकलों के बीच अब एक अहम सवाल-न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर कितना हो सकता है? अब इस पर तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। हाल के महंगाई भत्ते (DA) से जुड़े आंकड़ों ने फिटमेंट फैक्टर को लेकर एक बेस-लेवल अनुमान तय करने में मदद की है। हालांकि सरकार ने अब तक न तो 8वें वेतन आयोग के लागू होने की तारीख का ऐलान किया है और न ही इसकी शर्तों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी दी है। इसके बावजूद, महंगाई के ताजा डेटा के आधार पर यह संकेत मिल रहे हैं कि न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर 1.60 हो सकता है। ऐसे में यह भी पूरी संभावना जताई जा रही है कि अंतिम फिटमेंट फैक्टर इससे ज्यादा रखा जा सकता है।

60% DA न्यूनतम बेंचमार्क तय करता है

मौजूदा चर्चा की सबसे बड़ी वजह ताजा महंगाई के आंकड़े हैं। लेबर ब्यूरो की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, दिसंबर 2025 के लिए अखिल भारतीय CPI-IW 148.2 अंक दर्ज किया गया है। इस आधार पर जनवरी–जून 2026 की साइकिल के लिए 2% महंगाई भत्ता (DA) बढ़ोतरी तय मानी जा रही है। इस बढ़ोतरी के साथ 7वें वेतन आयोग के तहत कुल DA बढ़कर 60.34% हो जाएगा, जिसे भुगतान के लिहाज से 60% पर राउंड-ऑफ किया जाएगा। यूनियन कैबिनेट से इसकी औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद जो संभवतः मार्च 2026 में हो सकती है। यह बढ़ोतरी लागू होगी। खास बात यह है कि भले ही 8वें वेतन आयोग को अभी तक आधिकारिक रूप से नोटिफाई नहीं किया गया है, लेकिन यह DA बढ़ोतरी अनुमानित तौर पर नए वेतन आयोग के दौर की पहली बढ़ोतरी मानी जा रही है। यह DA आंकड़ा इसलिए अहम है क्योंकि परंपरागत रूप से फिटमेंट फैक्टर की गणना इसी आधार पर की जाती है।

1.60 फिटमेंट फैक्टर कैसे निकला?

हर वेतन आयोग की शुरुआत में मौजूदा बेसिक पे को 1 की एक स्थिर बेस वैल्यू माना जाता है। इसके बाद आयोग के पूरे कार्यकाल के दौरान महंगाई की भरपाई के लिए इसी बेसिक पे पर महंगाई भत्ता (DA) जोड़ा जाता रहता है। 7वें वेतन आयोग के तहत बीते करीब 10 सालों में DA में लगातार बढ़ोतरी हुई है। अगर जनवरी–जून 2026 के लिए अनुमानित 2% DA बढ़ोतरी को शामिल किया जाए, तो कुल DA बेसिक पे का लगभग 60% हो जाता है। इसे आसान भाषा में समझें तो अगर 7वें वेतन आयोग की शुरुआत में किसी केंद्रीय कर्मचारी का बेसिक पे 100 माना गया था, तो आज DA जोड़ने के बाद उसकी प्रभावी वैल्यू 160 हो चुकी है।

यही आंकड़ा फिटमेंट फैक्टर के रूप में सीधे 1.60 के बराबर बैठता है। इसी वजह से रिपोर्ट्स और जानकारों का मानना है कि 8वें वेतन आयोग का फिटमेंट फैक्टर 1.60 से कम नहीं हो सकता। दरअसल, यह आंकड़ा सिर्फ उस महंगाई को दर्शाता है, जो 7वें वेतन आयोग के दौरान DA के जरिए पहले ही एडजस्ट हो चुकी है।

अगर फिटमेंट फैक्टर 1.60 तो कितनी बढ़ेगी सैलरी?

फिटमेंट फैक्टर एक मल्टीप्लायर (गुणक) है जिसका उपयोग नई पे-कमीशन में संशोधित बेसिक सैलरी की गणना के लिए किया जाता है।

न्यूनतम वेतन (Minimum Salary): यदि 1.60 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो मौजूदा न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 (7वें वेतन आयोग के अनुसार) बढ़कर लगभग ₹28,800 से ₹30,000 के करीब पहुंच सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, 1.60 के फैक्टर का अर्थ बेसिक सैलरी में लगभग 60% की बढ़ोतरी हो सकती है।

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आलोक कुमार
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभ... और देखें

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