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8th Pay Commission: क्या चांद मांगने जैसा है, 2.86 फिटमेंट फैक्टर की डिमांड, जानिए ऐसा क्यों?

8th Pay Commission: 8वें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी मिलने के बाद से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को इसके गठन का इंतजार है साथ ही उनकी डिमांड है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 होना चाहिए। अगर ऐसा होता है तो सैलरी दोगुने से अधिक हो जाएगी। आइए जानते हैं क्या यह संभव नहीं है?

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8th Pay Commission के तहत कितनी बढ़ेगी सैलरी? (तस्वीर-Canva)

8th Pay Commission: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल जनवरी में 8वें वेतन आयोग के गठन की मंजूरी दे दी। अब एक लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसके गठन का इंतजार है, साथ ही इस बात पर निगाहें टिकी हुई हैं कि उनकी सैलरी और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी आधार पर सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी तय होती है।

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 2.57 या उससे ज्यादा होना चाहिए

नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के सचिव शिव गोपाल मिश्रा ने हाल ही में कहा कि फिटमेंट फैक्टर पिछली बार से कम नहीं होना चाहिए। यह कम से कम 2.57 या उससे ज्यादा होना चाहिए। हाल ही में एक टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि महंगाई दर को देखते हुए कर्मचारियों के वेतन में वाजिब बढ़ोतरी होनी चाहिए। 'पिछले वेतन आयोग ने 2.57 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) तय किया था, तो यह इस बार से कम कैसे हो सकता है?'

8th Pay Commission: फिटमेंट फैक्टर 2.86 होने पर सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी?

पिछले साल मिश्रा ने कहा था कि NC-JCM 2.86 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) की डिमांड करेगी। अगर सरकार इस पर सहमत होती है तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये (8th Pay Commission Minimum Salary) से बढ़कर 51,480 रुपये हो सकता है और न्यूनतम पेंशन 9000 रुपये से बढ़कर 36,000 रुपये हो जाएगी। फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक हालांकि पूर्व वित्त सचिव सुभाष गर्ग का मानना है कि 2.86 फिटमेंट फैक्टर मांगना चांद मांगने जैसा है। उनके मुताबिक सरकार फिटमेंट फैक्टर को 1.92 के आसपास रख सकती है।

8th Pay Commission: 2.57 फिटमेंट फैक्टर क्यों जरूरी है?

7वें वेतन आयोग में बातचीत का हिस्सा रहे शिव गोपाल मिश्रा कहते हैं कि 7वें वेतन आयोग ने 1957 के भारतीय श्रम सम्मेलन और डॉ एक्रोयड के न्यूनतम जीवन निर्वाह वेतन फॉर्मूले के आधार पर 2.57 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) तय किया था। लेकिन मिश्रा का कहना है कि ये फॉर्मूले अब पुराने हो चुके हैं। आज के दौर में महंगाई काफी बढ़ गई है, इसलिए सरकार को फिटमेंट फैक्टर 2.57 से कम बिल्कुल नहीं रखना चाहिए। अगर 8वां वेतन आयोग 2.57 फिटमेंट फैक्टर की सिफारिश करता है तो न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 46,260 रुपये हो सकता है, जबकि न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 23,130 रुपये हो सकती है।

8th Pay Commission: आगे क्या होगा?

फिलहाल सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन को हरी झंडी दे दी है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि कर्मचारियों के हक में कितना फैसला होता है। अगले कुछ महीनों में इस पर चर्चाएं तेज होने वाली हैं और लाखों सरकारी कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बार उनकी मेहनत और बढ़ती महंगाई को देखते हुए उन्हें उचित वेतन वृद्धि मिलेगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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