7th Pay Commission Update: केंद्र सरकार के सिविलियन पेंशनर्स के गुड न्यूज है। उन्हें कॉन्स्टेंट एटेंडेंट अलॉयंस (CAA) में 25% की बढ़ोतरी मिलेगी क्योंकि इस साल जनवरी में 4% की वृद्धि के बाद महंगाई भत्ता (DA) पहले ही मूल वेतन का 50% तक पहुंच चुका है। जनवरी में DA बढ़ोतरी के बाद कई प्रमुख भत्ते मौजूदा दरों पर 25% तक ऑटोमेटिक रूप से संशोधित हो गए थे। अब कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने सिविलियन पेंशनभोगियों (civilian pensioners) के लिए CAA में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने ऑफिस मेमोरेंडम में कहा कि यह सूचित किया जाता है कि वेतन मैट्रिक्स में संशोधित वेतन पर महंगाई भत्ते में 50% की वृद्धि होने पर सिविलियन पेंशनभोगियों को देय निरंतर परिचर भत्ते (Constant Attendant Allowance) की दर में 25% की वृद्धि की जाएगी।
CAA में बढ़ोतरी 1 जनवरी 2024 से लागू
फाइनेंशियल एक्सप्रेस के मुताबिक DoPPW ने सभी मंत्रालयों और विभागों से अनुरोध किया है कि वे 1 जनवरी 2024 से कॉन्स्टेंट एटेंडेंट अलॉयंस (CAA) की राशि को मौजूदा 6750 रुपये से 25% बढ़ाकर 8438 रुपये प्रति माह करें। इस समायोजन का उद्देश्य उन रिटायर लोगों का सपोर्ट करने के लिए है जिन्हें स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सहायता की जरुरत है, जो उनके कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
डीए में 50% होने से भत्ते में बढ़ोतरी
DoPT सर्कुलर के मुताबिक प्रभावित होने वाले प्रमुख भत्तों में कठिन लोकेशन भत्ता, वाहन भत्ता, विकलांग महिलाओं के बच्चों के लिए स्पेशल भत्ता, बच्चों की शिक्षा भत्ता, मकान किराया भत्ता या एचआरए, होटल आवास, शहर के भीतर यात्रा के लिए यात्रा शुल्क की प्रतिपूर्ति, भोजन शुल्क की प्रतिपूर्ति या एकमुश्त राशि या दैनिक भत्ता, ड्रेस भत्ता, स्पिलिट ड्यूटी भत्ता और डिपुटेशन (ड्यूटी) भत्ता शामिल हैं।
कौन हैं सिविलियन पेंशनर्स?
केंद्र सरकार के सिविलियन पेंशनभोगी वे लोग हैं जो केंद्र सरकार की सिविल सर्विस से रिटायर होते हैं और पेंशन पाने के पात्र होते हैं। नियम के मुताबिक उन्हें कम से कम 10 साल तक सर्विस करनी होती है। उनकी पेंशन की गणना उनके अंतिम मूल वेतन या औसत मूल वेतन जो भी अधिक हो, उसके 50% के रूप में की जाती है। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये प्रति माह है और अधिकतम भारत सरकार में उच्चतम वेतन का 50% है। पेंशन मृत्यु होने तक दी जाती है।
