Nifty Next 50 Shares : जोमैटो (Zomato), LIC और डीमार्ट (Dmart) को एक बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल प्रमुख स्टॉक्स एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) स्टॉक सेलेक्शन मेथडोलॉजी (Stock Selection Methodology) को बदलकर निफ्टी नेक्स्ट 50 (Nifty Next 50) इंडेक्स से नॉन-एफएंडओ (Future & Option) शेयरों को बाहर कर सकता है।
गौरतलब है कि निफ्टी नेक्स्ट 50 बेंचमार्क निफ्टी 100 (Nifty 100) में निफ्टी 50 (Nifty 50) के 50 शेयरों के अलावा बाकी 50 शेयरों को रेप्रेजेंट करता है।
टोटल 11 शेयर हैं नॉन-एफएंडओ
नेक्स्ट 50 इंडेक्स में 11 स्टॉक ऐसे हैं, जो F&O सेगमेंट में मौजूद नहीं हैं। 16 मई को इन शेयरों की इंडेक्स में हिस्सेदारी 9.05 फीसदी थी। निफ्टी नेक्स्ट 50 इंडेक्स के लिए ये बदलाव दो चरणों में किए जा सकते हैं ताकि ट्रांजिशन आराम से हो जाए।
ये हैं वे 11 स्टॉक
- वरुण बेवरेजेज
- अडानी ग्रीन
- जोमैटो
- अडानी ट्रांसमिशन
- नायका
- अडानी विल्मर
- अडानी टोटल गैस
- पीएंडजी हाइजीन
- बजाज होल्डिंग्स
- एलआईसी
- डीमार्ट
क्यों हो रहा इस प्रस्ताव पर विचार
ईटी की रिपोर्ट में नुवामा अल्टरनेटिव एंड क्वांटिटेटिव रिसर्च के प्रमुख अभिलाष पगारिया के हवाले से बताया गया है कि नॉन-एफएंडओ शेयरों में इंडेक्स का एक्सपोजर अकसर प्राइस बैंड को छू लेता है। इससे इंडेक्स पोर्टफोलियो को सही से रेप्लिकेट (दोहराने) की क्षमता कम हो जाती है। इसी दिक्कत को दूर करने के लिए एनएसई ने प्रस्ताव रखा है कि केवल F&O सेगमेंट में कारोबार करने वाले स्टॉक्स को ही इंडेक्स में रखा जाए।
11 ही शेयरों को किया जा सकता है शामिल
जिन 11 शेयरों को निफ्टी नेक्स्ट 50 से बाहर किया जाएगा, उनकी जगह 11 ही शेयरों को इंडेक्स में शामिल किया जाएगा। इन शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक और ट्रेंट शामिल हैं।
ये हैं वे बाकी शेयर जिन्हें निफ्टी नेक्स्ट 50 में जगह मिल सकती है
- इंडियन होटल्स
- टीवीएस मोटर कंपनी
- कमिंस इंडिया
- जिंदल स्टील एंड पावर
- पॉलीकैब
- पंजाब नेशनल बैंक
- जायडस लाइफसाइंसेस
- एबॉट इंडिया
डिस्क्लेमर : इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
