बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में NDA को प्रचंड बहुमत मिला। NDA ने राज्य की कुल 243 में से 202 सीटों पर जीत दर्ज की। भारतीय जनता पार्टी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसे 89 सीटें हासिल हुईं। JDU राज्य और NDA में भी दूसरे नंबर की पार्टी रही और नीतीश कुमार के नेतृत्व में उसे 85 सीटें मिलीं। बता दें कि भाजपा और जेडीयू दोनों ने ही राज्य में 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 19 सीटों पर जीत मिली, 5 सीटें हम और 4 सीटें RLM को मिलीं। राज्य में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में मंत्रियों ने शपथ ले ली है। अब बारी विधानसभा अध्यक्ष की है। विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए भाजपा विधायक प्रेम कुमार ने आज यानी सोमवार 1 दिसंबर को पर्चा भरा। उनका विधानसभा अक्ष्यक्ष चुनाव जाना तय है। उनके नाम की घोषणा कल यानी मंगलवार 2 नवंबर को हो सकती है।
35 साल से लगातार विधायक
प्रेम कुमार भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उनका निर्वाचन क्षेत्र गया टाउन है। वह यहां सं लगातार 9 बार विधायक चुनकर आए हैं। साल 1990 में उन्होंने पहली बार गया टाउन विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी और तब से उन्होंने कभी भी हार का मुंह नहीं देखा। पिछले 35 वर्षों में उनका राजनीतिक करियर लगातार नई ऊचाइयां छूता चला गया। इस दौरान वह पार्टी संगठन में जिम्मेदारी संभालने के साथ ही सरकार में भी मंत्री के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे। प्रेम कुमार 2015 के विधानसभा चुनाव में NDA की हार के बाद बिहार में नेता प्रतिपक्ष बनाए गए थे। उस समय नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ थे और महागठबंधन ने उनके ही नेतृत्व में चुनाव जीता था। वह बिहार में कृषि मंत्री, वन एवं पर्यावरण मंत्री, शहरी विकास और आवास मंत्री, को-ऑपरेटिव मंत्री आदि के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
बता दें कि बिहार में NDA को प्रचंड बहुमत मिलने के बाद नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। भाजपा नेता सम्राट चौधरी बिहार के उपमुख्यमंत्री के साथ ही गृहमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री का पद भाजपा को मिलने के बाद सभी की निगाहें इसी ओर थीं कि विधानसभा अध्यक्ष किस पार्टी से बनता है। अब स्पष्ट हो गया है कि भाजपा विधायक प्रेम कुमार ही बिहार में विधानसभा अक्ष्यक्ष होंगे।
कौन हैं प्रेम कुमार
70 साल के भाजपा विधायक प्रेम कुमार एमए, एलएलबी, phD हैं। उन्होंने 1990 में पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ा और कांग्रेस प्रत्यासी जय कुमार पालित को हराकर अपनी सियासी पारी का आगाज किया। तब 35 साल हो गए, उनके प्रतिद्वंद्वी बदलते गए, लेकिन कोई भी उन्हें हरा नहीं पाया। इतने वर्षों से वह लगातार एक ही क्षेत्र से विधायक हैं। प्रेम कुमार अत्यंत पिछड़ी जाति से ताल्लुख रखते हैं और गया टाउन विधानसभा क्षेत्र का जातीय समीकरण प्रेम कुमार के अनुकूल है। उनकी वैश्य समाज में अच्छी पकड़ मानी जाती है।
प्रेम कुमार के पिछले चुनावों का रिजल्ट कैसा रहा?
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में प्रेम कुमार को 54 फीसद से ज्यादा यानी कुल 90 हजार से अधिक वोट मिले हैं। पिछले चुनाव के मुकाबले उनके वोट प्रतिशत में साढ़े चार फीसद से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। उनके प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव को 64 हजार से ज्यादा वोट मिले। हालांकि पिछले तीन चुनावों से उनकी जीत का अंतर लगातार कम हो रहा था। 2010 में उन्हें 28 हजार से ज्यादा वोटों से जीत मिली थी, जबकि 2015 के चुनाव में 22 हजार से ज्यादा वोटों के अंतर से वह जीते थे। 2020 के चुनाव में तो वह 12 हजार से भी कम वोटों के अंतर से जीते थे। इसलिए माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव 2025 में उन्हें दिक्कत हो सकती है। हालांकि, उन्होंने इस बार भी बम्पर जीत दर्ज की।
प्रेम कुमार के पास कितनी संपत्ति है?
प्रेम कुमार का बिहार विधानसभा अध्यक्ष बनना तय है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नामांकन के समय उन्होंने जो अपना हलफनामा दिया, उसके अनुसार उनके पास कुल 13 करोड़ से अधिक की संपत्ति है। हालांकि, उनके ऊपर किसी तरह की कोई देनदारी नहीं है। इसी हलफनामे के अनुसार प्रेम कुमार के ऊपर 10 आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इसमें IPC की धारा 174एच, 171ई, 171एफ, 121ए, 153ए, 324, 147, 188, 149 और BNS की धारा 110, 85, 81, 82(1), 352, 351 (2) भी शामिल हैं।
