'पर उपदेश कुशल बहुतेरे...', बयान पर बवाल के बाद उमा भारती ने दिग्विजय सिंह को लिखा पत्र, कही ये बात

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 22, 2021, 02:16 PM IST

नौकरशाही पर अपने एक बयान को लेकर मध्‍य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती को खूब फजीहत झेलनी पड़ी। दिग्‍व‍िजय सिंह ने भी इस पर सवाल उठाए, जिसके बाद उमा भारती ने रामायण का जिक्र करते हुए एक पत्र उन्‍हें लिखा।

'पर उपदेश कुशल बहुतेरे...', बयान पर बवाल के बाद उमा भारती ने दिग्विजय सिंह को लिखा पत्र, कही ये बात

भोपाल : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने नौकरशाही को लेकर दिए अपने विवादित बयान के सोशल मीडिया पर वायरल होने और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की ओर से आलोचना किए जाने के बाद सिंह को पत्र लिखकर कहा कि वह अपनी भाषा में सुधार करेंगी। नौकरशाही के खिलाफ भारती के बयान को सिंह ने घोर आपत्तिजनक बताया और कहा कि उन्हें अपने इस बयान पर माफी मांगनी चाहिए।

दिग्विजय ने ट्वीट किया, 'उमा आप मेरी छोटी बहन के नाते मुझे कम बोलने के लिए चेताती रही हैं। लेकिन आपने नौकरशाहों के खिलाफ जिन अपशब्दों का उपयोग किया है, वे घोर आपत्तिजनक हैं।' उन्होंने आगे लिखा, 'भारतीय संविधान में नौकरशाही नियम एवं कानून के अंतर्गत निष्पक्षता से कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वे आपके नौकर नहीं हैं, चप्पल उठाने वाले लोग नहीं हैं। आप केंद्रीय मंत्री रही हैं, मुख्यमंत्री रही हैं। इस प्रकार की टिप्पणी आपको नहीं करनी चाहिए। आपको माफी मांगनी चाहिए।'

'पर उपदेश कुशल बहुतेरे...'

उमा भारती ने मंगलवार को सिंह को लिखे एक संक्षिप्त पत्र में कहा, 'नौकरशाही पर आपने मेरे दिए गए बयान पर उचित प्रतिक्रिया दी है। मुझे अपनी ही बोली भाषा का गहरा आघात लगा है। मैं आपके पीछे पड़ जाती थी कि दादा संयत भाषा नहीं बोलते लेकिन यह बिल्कुल ऐसा हो गया जैसा रामायण में लिखा है... पर उपदेश कुशल बहुतेरे, जे आचरहिं ते नर न घनेरे।' उन्होंने लिखा, 'मैं आगे से अपनी भाषा में सुधार करूंगी।'

मालूम हो कि उमा ने शनिवार को भोपाल में पिछड़े वर्ग के एक प्रतिनिधिमंडल से अनौपचारिक बातचीत करते हुए कहा था, 'नौकरशाही कुछ नहीं होती, चप्पल उठाने वाली होती है। चप्पल उठाती है, हमारी।' सोशल मीडिया पर विभिन्न उपयोगकर्ताओं ने इस बयान को सोमवार को साझा किया था। यह वीडियो वायरल होने के बाद भारती ने नौकरशाही के खिलाफ अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल करने को लेकर खेद प्रकट किया।

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