Speed Limit On Yamuna Expressway: सर्दियों के मौसम में अक्सर हाईवे और एक्सप्रेसवे के आस-पास घना कोहरा छा जाता है। इसकी वजह से विजिबिलिटी बहुत ही कम हो जाती है और भयानक रोड एक्सीडेंट बढ़ जाते हैं जिसकी वजह से अक्सर जान-माल का बहुत नुकसान होता है। दिल्ली से आगरा के बीच बने 165 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) पर सर्दियों के मौसम में हर साल खतरनाक रोड एक्सीडेंट की खबरें सामने आती हैं। इस साल विजिबिलिटी कम होने की वजह से होने वाले रोड एक्सीडेंट से निपटने के लिए सरकार ने यमुना एक्सप्रेसवे पर वाहनों की मौजूदा स्पीड लिमिट को कम करने का फैसला लिया है।
इस एक्सप्रेसवे पर भी थमेगी रफ्तार
सिर्फ यमुना एक्सप्रेस वे पर ही नहीं बल्कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर भी वाहनों की तय स्पीड लिमिट को कम करने का फैसला किया गया है। फरवरी 2025 तक इन दोनों ही एक्सप्रेसवे पर वाहनों की तय स्पीड लिमिट को कम रखा जाएगा ताकि घने कोहरे और खराब विजिबिलिटी के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं के मामले में कमी लाई जा सके। स्पीड लिमिट कम करने के साथ-साथ विजिबिलिटी को बेहतर करने के लिए YEIDA द्वारा नई फॉग लाइट्स भी लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थिति में बेहतर सुविधा मुहैया करवाने के लिए नई एम्बुलेंस, फिरे ब्रिगेड गाड़ियां भी तैनात की गई हैं।
नई स्पीड लिमिट
नोएडा ट्रैफिक पुलिस कली गाड़ियां भी लगातार इन दोनों ही एक्सप्रेसवे पर पट्रोलिंग करती नजर आएंगी और पट्रोलिंग के साथ-साथ वाहनों की स्पीड लिमिट पर भी नजर बनाकर रखी जाएगी। आपको बता दें कि प[एहले यमुना एक्सप्रेसवे और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कार और हलके वाहनों की अधिकतम स्पीड लिमिट 100 किलोमीटर प्रतिघंटा होती थी जिसे कम करके अब 75 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दिया गया है। साथ ही भारी वाहनों (ट्रक/बस) आदि की अधिकतम स्पीड लिमिट को 60 किलोमीटर प्रतिघंटा से कम करके 50 किलोमीटर प्रतिघंटा कर दिया गया है।
