पलक झपकते ही बच जाती है जान! जानें कैसे काम करता है कार का एयरबैग और यह कितना सुरक्षित
- Authored by: शिवानी कोटनाला
- Updated Feb 19, 2026, 02:58 PM IST
आजकल लगभग हर नई कार में एयरबैग एक जरूरी सुरक्षा फीचर बन चुका है। लेकिन बहुत कम लोगों को पता होता है कि एयरबैग आखिर कब और कैसे खुलता है और यह किन परिस्थितियों में काम करता है। सही जानकारी होने से आप सड़क पर ज्यादा सुरक्षित रह सकते हैं।
एयरबैग कैसे करता है काम (Photo: AI Generated)
हर कार में गाड़ी के अंदर बैठे लोगों की सुरक्षा के लिए एयरबैग की सुविधा दी जाती है। सड़क दुर्घटना के दौरान कार में मौजूद एयरबैग्स जीवन और मौत के बीच की सबसे मजबूत कड़ी साबित होते हैं। क्या आपने कभी सोचा है कि टक्कर होते ही ये गुब्बारे जैसी थैली इतनी तेजी से कैसे खुल जाती है? दरअसल, एयरबैग्स का काम ही ड्राइवर और यात्रियों को कार के कठोर हिस्सों से टकराने से बचाना है। आइए जानते हैं एयरबैग कब खुलता है और कैसे काम करता है-
एयरबैग कब खुलता है?
एयरबैग सामान्य ब्रेक लगाने या हल्की टक्कर में नहीं खुलता। यह केवल तब एक्टिव होता है जब गाड़ी को तेज और गंभीर टक्कर (High Impact Collision) लगती है। कार में लगे सेंसर (Crash Sensors) टक्कर की गति और झटके की तीव्रता को मापते हैं। अगर सिस्टम को लगता है कि टक्कर खतरनाक स्तर की है तो एयरबैग लगभग 20 से 40 मिलीसेकंड (पलक झपकने से भी कम समय) में खुल जाता है। आमतौर पर एयरबैग तब खुलता है जब टक्कर की स्पीड लगभग 16–25 किमी/घंटा या उससे अधिक की सीधी टक्कर हो। साइड एयरबैग साइड से लगने वाली गंभीर टक्कर में खुलते हैं।
एयरबैग कैसे काम करता है?
कार में एक कंट्रोल यूनिट और सेंसर लगे होते हैं। टक्कर होते ही सेंसर सिग्नल भेजते हैं और एयरबैग मॉड्यूल के अंदर मौजूद गैस जनरेटर तेजी से गैस बनाता है, जिससे बैग फुल जाता है। यह प्रक्रिया इतनी तेज होती है कि यात्री का सिर या छाती डैशबोर्ड या स्टीयरिंग से टकराने से पहले उसे कुशन मिल जाता है।
क्या एयरबैग अकेले पूरी सुरक्षा देता है?
हालांकि, आपको यह समझने की भी जरूरत है कि एयरबैग तभी प्रभावी होता है जब आपने सीट बेल्ट लगाई हो। बिना सीट बेल्ट के एयरबैग खुलने पर चोट भी लग सकती है। इसलिए सीट बेल्ट और एयरबैग दोनों साथ में काम करते हैं।
कितने प्रकार के एयरबैग होते हैं?
- फ्रंट एयरबैग
- साइड एयरबैग
- कर्टन एयरबैग
- नी एयरबैग
इन बातों का भी रखें ध्यान
डैशबोर्ड पर पैर या सामान
डैशबोर्ड पर पैर रखने या भारी सामान रखने से एयरबैग खुलने की स्थिति में गंभीर चोट लग सकती है। टक्कर के समय एयरबैग बहुत तेजी से खुलता है, जिससे सामने रखी कोई भी वस्तु खतरनाक साबित हो सकती है।
बच्चों को फ्रंट सीट पर न बैठाएं
छोटे बच्चों को हमेशा पीछे की सीट पर बैठाना चाहिए और चाइल्ड सीट का इस्तेमाल करना चाहिए। फ्रंट एयरबैग खुलने पर बच्चे को गंभीर चोट लगने का खतरा रहता है।
एयरबैग वार्निंग लाइट
अगर डैशबोर्ड पर एयरबैग की चेतावनी लाइट लगातार जल रही है, तो यह सिस्टम में खराबी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में अधिकृत सर्विस सेंटर पर तुरंत जांच करवाना जरूरी है, ताकि दुर्घटना के समय एयरबैग सही तरीके से काम करे।
