सड़क परिवहन मंत्रालय जल्द ही एक नया निगरानी सिस्टम लागू करने जा रहा है, जिसमें ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए निगेटिव पॉइंट सिस्टम की शुरुआत की जाएगी। यह नियम बार-बार सिग्नल तोड़ने, तेज गति से वाहन चलाने या खतरनाक तरीके से ड्राइविंग करने वालों पर लागू होगा। निर्धारित सीमा से अधिक पॉइंट होने पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड या रद्द किया जा सकता है।
क्या है निगेटिव पॉइंट सिस्टम?
इस प्रस्तावित सिस्टम में हर बार ट्रैफिक नियम तोड़ने पर ड्राइवर के लाइसेंस पर कुछ अंक कटेंगे। वहीं नियमों का पालन करने वाले, सहयोगी ड्राइवरों को मेरिट पॉइंट्स से सम्मानित किया जाएगा। यह मॉडल ऑस्ट्रेलिया, यूके, जर्मनी और कनाडा जैसे देशों से प्रेरित है, जहां इस प्रणाली के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।
क्यों जरूरी हुआ यह बदलाव?
भारत में सड़क हादसों में हर साल 1.7 लाख से अधिक लोगों की जान जाती है। 2019 में बढ़े हुए जुर्मानों के बावजूद दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय गिरावट नहीं देखी गई। सरकार का मानना है कि निगरानी में तकनीकी हस्तक्षेप और कठोर दंड से हादसों पर अंकुश लगाया जा सकता है।
पहले भी हो चुकी है सिफारिश
2011 में एक सरकारी रिपोर्ट में भी इसी तरह की प्रणाली लागू करने की सिफारिश की गई थी। उस रिपोर्ट के मुताबिक, अगर किसी ड्राइवर के खाते में तीन साल में 12 निगेटिव पॉइंट्स जुड़ते हैं, तो एक साल के लिए उसका लाइसेंस सस्पेंड कर देना चाहिए। दोहराव की स्थिति में लाइसेंस पांच साल तक रद्द किया जा सकता है।
लाइसेंस रिन्यू पर अब देना होगा ड्राइविंग टेस्ट
यदि किसी चालक ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन किया है और वह लाइसेंस रिन्यू कराने आता है, तो उसे फिर से टेस्ट देना होगा। साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए अलग लर्निंग लाइसेंस का प्रावधान भी होगा।
चालान न भरने पर लाइसेंस निलंबन
अगर कोई व्यक्ति तीन महीने से ज्यादा पुराना ई-चालान नहीं भरता है, तो उसका लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड किया जा सकता है। रेड लाइट जम्प करने या खतरनाक ड्राइविंग जैसे मामलों में भी यही कार्रवाई होगी।
इंश्योरेंस प्रीमियम पर भी असर
पिछले एक साल में जिन लोगों ने चालान नहीं चुकाए हैं, उनका बीमा प्रीमियम बढ़ सकता है। इसके लिए सरकार एक उन्नत डेटा सिस्टम विकसित कर रही है, जिससे चालान की जानकारी बीमा कंपनियों तक तुरंत पहुंच सके।
AI तकनीक से होगा नियमों की निगरानी
दिल्ली पुलिस को अब एक नई AI-आधारित रडार प्रणाली मिली है, जो स्पीड, सीट बेल्ट, और मोबाइल फोन के इस्तेमाल जैसे नियमों का उल्लंघन पकड़ने में सक्षम है। इस सिस्टम में नंबर प्लेट पहचानने वाला कैमरा भी है, जो चालान को तुरंत जारी करता है।
