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कंगाल पाकिस्तान में खाने को आटा नहीं, फिर भी इंपोर्ट कीं करीब 980 करोड़ रुपये की कारें

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jan 24, 2023, 11:15 AM IST

पाकिस्तान बड़े आर्थिक संकट से गुजर रहा है और एक मायने में ये दिवालिया ही कहा जा सकता है. इसके बावजूद जहां लोगों के पास रोटी बनाने के लिए आटा नहीं है, वहीं बीते 6 महीने में खरबों रुपये की लग्जरी आरें इंपोर्ट की गई हैं.

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पाकिस्तान ने बीते 6 महीने में 1.2 बिलियन डॉलर की कारें आयात की हैं

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KEY HIGHLIGHTS
  • कंगाल पाकिस्तान और लग्जरी कारें
  • खाने को आटा नहीं, खरबों की कारें
  • 6 महीने में 980 करोड़ की कारें इंपोर्ट

Pakistan Luxury Car Imports Despite Financial Crisis: पाकिस्तान इस समय कंगाली से जूझ रहा है और महंगाई इतनी बढ़ चुकी है कि गरीब लोगों के पास खाने को आटा नहीं है. इसके बावजूद वहां के अमीर लोगों में कारों की जोरदार डिमांड देखने को मिली है. पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान ने बीते 6 महीने में 1.2 बिलियन डॉलर की कारें आयात की हैं जिनकी कीमत भारतीय मुद्रा में करीब 980 करोड़ रुपये होती है. इनमें लग्जरी और हाइएंड कारें शामिल हैं. पाकिस्तान में फिलहाल आर्थिक तंगी इस कदर छाई हुई है कि वहां के सेंट्रल बैंक ने जरूरी सामान के आयात तक को कम कर दिया है.

फालतू सामान का आयात

मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि पाकिस्तान पिछले साल की तुलना में जहां यातायात के वाहनों और बाकी सामान की आयात कम हुआ है, वहीं लग्जरी कारों के साथ-साथ फालतू के सामान की बिक्री से अब भी वहां की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है. यहां ज्यादातर सीकेडी यानी कंप्लीटली नॉक्ड डाउन कारों का आयात किया जा रहा है जिससे वहां की इंडस्ट्री और उत्पादन प्रभावित हो रहे हैं. व्यर्थ में इतने बड़े आयात पर वहां की सरकारी नीतियों पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.

लग्जरी कारों का आयात बैन!

ताजा मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि पाकिस्तान में सरकार ने हाल ही में इंपोर्टेड कारों के आयात पर बैन लगा दिया है. कागजी आंकड़ों पर नजर डालें तो डॉलर के देश से बाहर जाने का ये सबसे बड़ा कारण बताया जा रहा है. पाकिस्तान में जुलाई से दिसंबर 2022 के बीच इंपोर्ट की गई कारों के अलावा कमर्शियल वाहनों, बसों, भारी वाहनों, मोटरसाइकिल, हवाई जहाज, पानी के जहाज और बोट पर भी भारी भरकम रकम अदा की गई है जिससे वहां की आर्थिक स्थिति और भी नाजुक हो चुकी है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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