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वाहन पर लगा मिला ‘क्रैश गार्ड’ तो अब खैर नहीं, दिल्ली हाइकोई ने उठाया सख्त कदम

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated May 4, 2023, 04:59 PM IST

Delhi High Court ने मोटर वाहनों पर Bullbars या Crash Guard लगा मिलने पर सख्त कार्यवाही के आदेश संबंधित अथॉरिटी को दिए हैं। 2017 में सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्रालय ने गाड़ियों में इन पुर्जों को लगाने पर रोक लगा दी थी।

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ये वाहन चालक के साथ यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ जैसा है।

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KEY HIGHLIGHTS
  • गाड़ी पर लगाया क्रैश गार्ड हटा दें
  • दिल्ली हाइकोर्ट ने दिए सख्त निर्देश
  • अब पकड़े गए तो आपकी खैर नहीं

Crash Guard On Vehicles: दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को वाहनों पर लगाए जा रहे अवैध क्रैश गार्ड या बुलबार्स पर सख्त कर्यवाही करने के लिए संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस तुषार राव गेडेला की एक बेंच ने कहा, “मोटर वाहनों पर क्रैश गार्ड या बुल बार्स मान्य नहीं हैं और सरकारी एजेंसियों को मोटर वाहन एक्ट के तहत इस नियम का सख्ती से पालन करना चाहिए।”

हाइकोर्ट ने लगा दी थी रोक

दिसंबर 2017 में सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए सभी राज्यों को वाहनों पर लगे अवैध पुर्जों को हटाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। 2018 में हाइकोर्ट ने केंद्र के इस नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी, इससे नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालान की प्रक्रिया पूरी तरह ठंडे बस्ते में चली गई थी। हालांकि 2019 में इस रोक को हाइकोर्ट द्वारा हटा लिया गया था।

पैदल यात्रियों के लिए खतरा

वाहनों पर लगे ये अवैध क्रैश गार्ड और बुल बार्स एक्सिडेंट की दशा में पैदल यात्रियों की जान के लिए खतरा हैं और गंभीर चोट का कारण बन सकते हैं। केंद्र के स्टैंडिंग काउंसिल से अनिल सोनी ने कहा कि एक्सिडेंट होने पर अगर वाहन में क्रैश गार्ड लगा हुआ है तो इसके एयरबैग्स नहीं खुलेंगे। ये वाहन चालक के साथ यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ जैसा है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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