Crash Guard On Vehicles: दिल्ली हाइकोर्ट ने बुधवार को वाहनों पर लगाए जा रहे अवैध क्रैश गार्ड या बुलबार्स पर सख्त कर्यवाही करने के लिए संबंधित अथॉरिटी को निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस तुषार राव गेडेला की एक बेंच ने कहा, “मोटर वाहनों पर क्रैश गार्ड या बुल बार्स मान्य नहीं हैं और सरकारी एजेंसियों को मोटर वाहन एक्ट के तहत इस नियम का सख्ती से पालन करना चाहिए।”
हाइकोर्ट ने लगा दी थी रोक
दिसंबर 2017 में सड़क परिवहन एवं हाइवे मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए सभी राज्यों को वाहनों पर लगे अवैध पुर्जों को हटाने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए थे। 2018 में हाइकोर्ट ने केंद्र के इस नोटिफिकेशन पर रोक लगा दी थी, इससे नियम का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालान की प्रक्रिया पूरी तरह ठंडे बस्ते में चली गई थी। हालांकि 2019 में इस रोक को हाइकोर्ट द्वारा हटा लिया गया था।
पैदल यात्रियों के लिए खतरा
वाहनों पर लगे ये अवैध क्रैश गार्ड और बुल बार्स एक्सिडेंट की दशा में पैदल यात्रियों की जान के लिए खतरा हैं और गंभीर चोट का कारण बन सकते हैं। केंद्र के स्टैंडिंग काउंसिल से अनिल सोनी ने कहा कि एक्सिडेंट होने पर अगर वाहन में क्रैश गार्ड लगा हुआ है तो इसके एयरबैग्स नहीं खुलेंगे। ये वाहन चालक के साथ यात्रियों की जान के साथ खिलवाड़ जैसा है।
