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धूप से बचने के लिए कार में लगवाई है सन-स्क्रीन? कट सकता है चालान, जान लीजिये नियम

गर्मियों के मौसम में कार पार्किंग में खड़े-खड़े अंदर से काफी गर्म हो जाती है। कार के अंदर मौजूद प्लास्टिक और अन्य मैटेरियल्स के गर्म होने पर कैबिन में बेंजीन गैस बनती है। बेंजीन स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक होती है। इससे बचने के लिए आप कार में सन-स्क्रीन लगवा सकते हैं, लेकिन क्या आपको सन-स्क्रीन से संबंधित महत्त्वपूर्ण नियम पता हैं?

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कार में सन-स्क्रीन लगवाने से पहले जान लीजिये नियम

Photo : iStock

Sun Curtains In Cars: गर्मियों की शुरुआत हो चुकी है। ऐसे में पार्किंग में खड़े-खड़े कार अंदर से काफी ज्यादा गर्म हो जाती है। कार के गर्म होने की वजह से आपको 5-10 मिनट कार की विंडो खोलकर AC ऑन करके इंतजार करना पड़ता है, ताकि कार पहले अंदर से ठंडी हो जाए और तब आप अंदर बैठ पाएं। इतना ही नहीं, इंटीरियर गर्म हो जाने पर कार में बेंजीन गैस पैदा होती है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी ज्यादा हानिकारक है। इंटीरियर बहुत ज्यादा गर्म ना हो इसीलिए लोग अपनी कार की विंडो और विंडशील्ड पर सन-शेड या फिर सन-स्क्रीन लगवाते हैं। भारत में कार की विंडो या फिर विंडशील्ड पर सन-स्क्रीन लगाना गैर-कानूनी है। यहां इस बात का ध्यान रखना होगा कि निजी वाहनों में सन-स्क्रीन लगाना पूरी तरह से बैन नहीं है। आप अपनी कार में सन-स्क्रीन लगवा सकते हैं, लेकिन इसके लिए आपको कुछ शर्तों का पालन करना होगा।

सन-स्क्रीन है गैर-कानूनी

विजिबिलिटी खराब करने वाली किसी भी तरह की मोडिफिकेशन को गैर-कानूनी माना जाता है। साल 2012 में सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले के दौरान सन-स्क्रीन और टिंटेड ग्लास के इस्तेमाल पर रोक लगा दी थी। लेकिन आपने देखा होगा कि कुछ कारों में कंपनियां ही टिंटेड ग्लास या फिर सन-स्क्रीन लगा कर देती हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह गैर-कानूनी है? सन-स्क्रीन या फिर सन-शेड लगवाने के लिए पहले आपको मोटर व्हीकल एक्ट में मौजूद नियमों को जान लेना चाहिए।

क्या कहते हैं नियम?

मोटर व्हीकल एक्ट 1989 के अनुसार आपकी गाड़ी की विंडो पर लगी सन-स्क्रीन के बावजूद 50% विजिबिलिटी होनी चाहिए। अगर आप कार के पीछे वाले शीशे पर सन-स्क्रीन या सन-शेड लगवा रहे हैं तो आपको ध्यान रखना होगा कि 70% विजिबिलिटी होनी चाहिए। इसका एक अन्य विकल्प यह है कि आप RTO से मान्यता प्राप्त डार्क ग्रीन UV ग्लास का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।
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पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

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