New Tata Tiago EMI Calculator: भारतीय बाजार में Tata Tiago Facelift बीते दिन ही लॉन्च हुई है। यह कार अपनी किफायती कीमत और शानदार फीचर्स की वजह से काफी चर्चा में है। कार की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 4,69,990 रुपये रखी गई है। ऐसे में आप भी यह जानना चाहते होंगे कि अगर कम डाउन पेमेंट के साथ इस कार को खरीदा जाए तो हर महीने कितनी ईएमआई देनी होगी साथ ही, कार खरीदने के लिए कितनी मंथली सैलरी होनी चाहिए? इस आर्टिकल में आपके इसी सवाल का जवाब दे रहे हैं-
Tata Tiago Facelift घर लाने की पूरी कैलकुलेशन

Tata Tiago (Photo: Tata Motors)
अगर कोई ग्राहक Tata Tiago Facelift खरीदने के लिए 1 लाख रुपये का डाउन पेमेंट करता है, तो बाकी राशि के लिए कार लोन लेना होगा। ऑन-रोड कीमत शहर के हिसाब से अलग हो सकती है, लेकिन अनुमान के तौर पर इस कार की ऑन-रोड कीमत करीब 5.40 लाख रुपये मानी जा सकती है। ऐसे में 1 लाख रुपये डाउन पेमेंट देने के बाद लगभग 4.40 लाख रुपये का लोन लेना पड़ेगा।
अगर यह लोन 5 साल यानी 60 महीनों के लिए लगभग 9 प्रतिशत ब्याज दर पर लिया जाता है, तो मासिक ईएमआई करीब 9,100 रुपये से 9,500 रुपये के बीच बन सकती है। ब्याज दर और बैंक के अनुसार यह रकम थोड़ी ऊपर-नीचे हो सकती है।
| डिटेल्स | अनुमानित राशि |
|---|---|
| टाटा टियागो की एक्स-शोरूम कीमत | ₹4,69,990 |
| अनुमानित ऑन-रोड कीमत | ₹5.40 लाख |
| डाउन पेमेंट | ₹1 लाख |
| लोन राशि | ₹4.40 लाख |
| ब्याज दर | 9% (अनुमानित) |
| लोन अवधि | 5 साल |
| अनुमानित ईएमआई | ₹9,100–₹9,500 प्रति माह |
केवल ईएमआई ही खर्च नहीं
कार खरीदते समय केवल ईएमआई ही खर्च नहीं होती। इसके अलावा पेट्रोल, सर्विस, बीमा, रखरखाव और पार्किंग जैसे खर्च भी हर महीने जुड़ते हैं। इसलिए विशेषज्ञ मानते हैं कि किसी भी व्यक्ति की कुल वाहन ईएमआई उसकी मासिक आय के 15 से 20 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।
कितनी होनी चाहिए मंथली सैलरी
अगर Tata Tiago Facelift की ईएमआई लगभग 9 से 10 हजार रुपये के बीच है, तो इसे आराम से खरीदने के लिए व्यक्ति की मासिक सैलरी कम से कम 45 हजार से 50 हजार रुपये के आसपास होनी चाहिए। इससे ईएमआई देने के बाद भी बाकी घरेलू खर्च और बचत आसानी से मैनेज की जा सकती है।
अगर किसी व्यक्ति की मासिक आय 60 हजार रुपये या उससे ज्यादा है, तो वह इस कार को ज्यादा आरामदायक तरीके से खरीद सकता है। वहीं कम सैलरी वाले ग्राहक डाउन पेमेंट बढ़ाकर ईएमआई कम कर सकते हैं।
