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50 किलोमीटर रोज चलाने के लिए चाहिए कार, पेट्रोल, डीजल, सीएनजी या EV, किसमें होगी ज्यादा बचत?

अगर नई कार खरीदने के सोच रहे हैं और दिमाग में पेट्रोल, डीजल, CNG और EV को चुनने की दुविधा है, तो ये यहां एक ऐसी कार को कंपयेर किया गया है, जो सभी फ्यूल ऑप्शन में उपलब्ध है।

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पेट्रोल डीजल सीएनजी और ईवी में कौन सबसे सस्ता

Petrol vs Diesel vs CNG vs EV : अगर आप हर रोज 50 किलोमीटर या इससे ज्यादा ट्रैवल करते हैं। नई कार खरीदने की तैयारी कर रहे हैं। डीजल, पेट्रोल, सीएनजी और EV में कौन सबसे सस्ता विकल्प है इस सवाल का जवाब तलाश रहे हैं, तो यहां इन सभी फ्यूल ऑप्शन में उपलब्ध Tata Nexon के आधार पर एक कंपरेजन दिया गया है, जिसकी मदद से आप 5 साल की टोटल ऑनरशिप कॉस्ट के आधार पर तय कर पाएंगे कि कौनसी कार आपके लिए सबसे ज्यादा फिट है।

यहां सभी फ्यूल ऑप्शन के लिए बेस वैरिएंट को चुना गया है। लिहाजा, एक बार खरीदने की कीमत के लिहाज से देखा जाए, तो पेट्रोल ट्रिम सबसे सस्ता और EV सबसे महंगा विकल्प है। हालांकि, जब अलग-अगल फ्यूल ऑप्शन के साथ मिलने वाले फीचर्स और लॉन्ग टर्म ऑनरशिप कॉस्ट के लिहाज से देखते हैं, तो पूरा गेम पलट जाता है। यहां, इस बात का ध्यान जरूर रखें कि यह कंपरेजन किसी फिक्स बजट के आधार पर नहीं, बल्कि फ्यूल टाइप, डेली रनिंग कॉस्ट और टोटल ऑनरशिप कॉस्ट के आधार पर है।

पेट्रोल सबसे सस्ता क्या अच्छा भी?

चूंकि Nexon ऐसी कार है, जो सभी फ्यूल टाइप में उपलब्ध है। लिहाजा, उसके आधार पर कंपरेजन किया गया है। लेकिन, किसी भी दूसरी कार में भी अगर ये कंपरेजन करेंगे, तो पेट्रोल में बेस वैरिएंट सबसे सस्ता ही पड़ेगा। हालांकि, फीचर्स और डेली रनिंग कॉस्ट के मोर्चे पर यह पिछड़ता दिखता है। वहीं, इस मोर्चे पर EV सबसे आगे हैं। वहीं, डीजल और CNG करीब एक जेसे ब्रैकेट में आते हैं।

डेली रनिंग में कौन सबसे सस्ती?

अगर आप हर दिन 50 किलोमीटर चलने के हिसाब से खर्च निकालते हैं, तो इस मामले में EV सबसे सस्ता विकल्प है। क्योंकि, औसतन रूप से EV कार की प्रति किलोमीटर रनिंग कॉस्ट 1.50 से 2 रुपये प्रति किमी के बीच आती है। वहीं, नेक्सन रियल वर्ल्ड कंडीशन मिक्स ट्रैफिक में पेट्रोल में 10-12, डीजल में 17 से 19 और सीएनजी में 20 से 22 तक फ्यूल इकोनॉमी देती है। इस तरह EV रनिंग कॉस्ट में सीधे विनर है।

लॉन्ग टर्म ऑनरशिप कॉस्ट

लॉन्ग टर्म ऑनरशिप कॉस्ट के लिहाज से डीजल कार सबसे महंगी पड़ती हैं। खासतौर पर अगर आप दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाके में हैं, तो यहां सबसे बड़ी कमी 10 साल की रजिस्ट्रेशन वैलिडिटी है। वहीं, CNG और पेट्रोल कार दोनों मेंटेनेंस के हिसाब से लगभग बराबर ही खर्च मांगती है। इसमें भी सीएनजी का रख-रखाव थोड़ा महंगा पड़ता है। वहीं, EV के मामले में ज्यादातर कंपनियां इन कारों के सबसे महंगे कंपोनेंट यानी बैटरी पैक पर लाइफटाइम या 10 साल तक की वारंटी ऑफर कर रही हैं। इसके अलावा कम मेकेनिकल पार्ट होने की वजह से मेंटेनेंस कॉस्ट भी कम होती है। इसके अलावा कई जगहों पर सब्सिडी भी मिलती है, जिससे ओवरऑल ऑनरशिप कॉस्ट कम हो जाती है।

फीचर्स के मामले में कौन आगे?

अगर बेस वैरिएंट के लिहाज से कंपेयर करें, तो फीचर्स के मामले में भी EV कार सबसे आगे हैं। क्योंकि, इनमें सबसे बड़ा एटवांटेज ऑटोमेटिक ड्राइवट्रेन का मिलता है। इसके लिए ICE वैरिएंट्स पर 50 हजार से 1 लाख रुपये तक अतिरिक्त चुकाने पड़ते हैं। इसके अलावा ज्यादातर सीएनजी कार में ऑटोमेटिक ट्रांसमिशन का ऑप्शन भी नहीं मिलता है।

फ्यूल टाइप और बेस वेरिएंटएक्स-शोरूम कीमत (Base Model)दिल्ली में फ्यूल रेट (अनुमानित)वास्तविक माइलेज (शहर+हाइवे मिक्स)प्रति किलोमीटर खर्चमासिक खर्च (1,500 किमी)सालाना खर्च (18,000 किमी)पेट्रोल के मुकाबले सालाना बचतएक्स्ट्रा प्राइस रिकवरी पीरियड
पेट्रोल (Smart)₹7.37 लाख₹102.12 / लीटर~13 किमी/लीटर₹7.86₹11,783₹1,41,397
सीएनजी (Smart iCNG)₹8.30 लाख₹83.09 / किलोग्राम~15 किमी/किग्रा₹5.54₹8,309₹99,708₹41,689~2.2 साल (27 महीने)
डीजल (Smart Plus)₹9.00 लाख₹95.20 / लीटर~17 किमी/लीटर₹5.60₹8,400₹1,00,800₹40,597~4 साल (48 महीने)
EV (इलेक्ट्रिक) (Creative+ MR)₹12.49 लाख~₹8.00 / यूनिट~230 किमी (फुल चार्ज)₹1.30₹1,950₹23,400₹1,17,997~4.3 साल (52 महीने)

निष्कर्ष

अगर आप आज कार खरीद रहे हैं और EV कार के लिए पेट्रोल की तुलना में करीब 40 फीसदी ज्यादा रकम भी चुका रहे हैं फिर भी 5 साल के भीतर ईवी की कुल ऑनरशिप कॉस्ट कम पड़ेगी।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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