Garlic Price: लहसुन ने हर भारतीय रसोई में अपनी बढ़ती कीमतों का असर दिखाना शुरू कर दिया है। इन कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है और जैसे ही ये स्थिर होती हैं, डिमांड बढ़ने के साथ फिर से कीमतों में उछाल आ जाती है। ET स्वदेश ने जरुरी वस्तुओं की कीमतों, उनके रुझानों और बाजार व भारतीय घरों पर प्रभाव की एक सीरीज शुरू की है। जिससे उपभोक्ता और खुदरा व्यापारी को विस्तार से जानकरी मिलेगी। देश में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश बडे लहसुन के खपत राज्य हैं। इन राज्यों की राजधानी पर केंद्रित लहसुन की तुलनात्मक मूल्य सूचकांक, भोपाल (मध्य प्रदेश) और लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में पिछले तीन वर्षों में कीमतों में आयी उछाल दर्शाता है।
भोपाल (मध्य प्रदेश) सितंबर माह में लहसुन का बाजार भाव
| विशेषताएं | सितंबर 2022 | सितंबर 2023 | सितंबर 2024 |
| आवक (टन में) | 83.9 | 14.8 | 11.87 |
| न्यूनतम कीमत (रु./क्विंटल) | 500 | 2000 | 22000 |
| अधिकतम कीमत (रु./क्विंटल) | 2000 | 7000 | 22000 |
| औसत कीमत (रु./क्विंटल) | 1000 | 4000 | 22000 |
भोपाल (मध्य प्रदेश) अगस्त माह में लहसुन का बाजार भाव
| विशेषताएं | अगस्त 2022 | अगस्त 2023 | अगस्त 2024 |
| आवक (टन में) | 17.7 | 5 | 25.34 |
| न्यूनतम कीमत (रु./क्विंटल) | 400 | 2500 | 2700 |
| अधिकतम कीमत (रु./क्विंटल) | 1800 | 8000 | 22100 |
| औसत कीमत (रु./क्विंटल) | 800 | 5000 | 15700 |
लखनऊ (उत्तर प्रदेश) अगस्त माह में लहसुन का बाजार भाव
| विशेषताएं | अप्रैल 2022 | अप्रैल 2023 | अप्रैल 2024 |
| आवक (टन में) | 24 | 88 | 0.8 |
| न्यूनतम कीमत (रु./क्विंटल) | 3850 | 4400 | 10500 |
| अधिकतम कीमत (रु./क्विंटल) | 3950 | 4490 | 11000 |
| औसत कीमत (रु./क्विंटल) | 3900 | 4440 | 10700 |
थोक मंडियों की भूमिका
लखनऊ और भोपाल दोनों ही उच्च लहसुन खपत वाले बाजार हैं और इन एपीएमसी मंडियों में अगस्त और सितंबर 2024 में पिछले वर्षों की तुलना में आवक पैटर्न में गिरावट देखी गई है। खासकर मेट्रो शहरों में। नवी मुंबई और आजादपुर जैसी बड़ी मंडियों में व्यापारियों ने लहसुन की अग्रिम बुकिंग कर ली है, जिससे छोटे और मध्यम व्यापारी मुश्किल में हैं। थोक व्यापारियों का ध्यान बड़े मुनाफे पर होता है और यह भी एक प्रमुख कारण है कि घरेलू बाजारों में लहसुन की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं।
सितंबर 2024 में कीमतों के रुझान ने एक प्रमुख उछाल का संकेत दिया। यानी 15500 रुपये प्रति क्विंटल की तुलना में सितंबर 2023 में 7250 रुपये प्रति क्विंटल और सितंबर 2022 में यह 3400 रुपये प्रति क्विंटल औसत पर थी, जो करीब 5 गुना वृद्धि की ओर इशारा करती है।
कीमतों में वृद्धि के कारण
लहसुन की कीमतों में इतनी भारी बढ़ोतरी के कई कारण हैं। सबसे बड़ा कारण है विगत वर्षो में लहसुन उत्पादन वाले क्षेत्रों में मानसून की अनियमितता आयी, जिसने फसल की पैदावार को प्रभावित किया है। विश्व् बाजार में चीन, भारत, कोरिया, बांग्लादेश दुनिया की प्रमुख लहसुन मांग को पूरा कर रहे हैं। भारतीय लहसुन की मांग और उसके निर्यात की संभावनाओं में वृद्धि से घरेलू बढोत्तरी अपरिहार्य है।
(यह आर्टिकल khetivyapar के सौजन्य से है)
