दुनिया

200 साल पहले केवल 100 करोड़ थी दुनिया की आबादी,अब 11 साल में बढ़ रही है 100 करोड़

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Nov 11, 2022, 06:00 PM IST

World Population: ईसा पूर्व तक दुनिया की आबादी केवल 20-30 करोड़ थी। यानी आज के दौर में उत्तर प्रदेश और बिहारी की आबादी के बराबर पूरी दुनिया की आबादी थी। और इसे 100 करोड़ पहुंचने में करीब 1800 साल लगे थे। और अब 50-55 साल में दुनिया की आबादी दोगुनी हो गई है।

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धरती पर बढ़ रहा है आबादी का बोझ

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KEY HIGHLIGHTS
  • नवंबर में 800 करोड़ हो जाएगी दुनिया की आबादी
  • भारत 2023 में बन जाएगा सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश
  • मौजूदा आबादी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 1.75 साइज के बार पृथ्वी की जरूरत

World Population: दुनिया की जनसंख्या नए स्तर पर पहुंचने वाली है। चंद दिनों में पूरे दुनिया में 800 करोड़ लोग हो जाएंगे। और ऐसा होने में केवल 11 बरस का समय लगा है। जो कि 100 करोड़ आबादी बढ़ोतरी का सबसे कम समय है। इसके पहले कभी भी 11 साल में दुनिया की आबादी (World Population) 100 करोड़ नहीं बढ़ी थी। खास बात यह है कि दुनिया की ज्यादातर आबादी 20 वीं सदी में बढ़ी है। और उससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि महज 200 साल में दुनिया की आबादी 100 करोड़ से बढ़कर 800 करोड़ पहुंच गई है। यानी 1800 ईसवी के आस-पास दुनिया की आबादी पहली बार 100 करोड़ पहुचीं थी। अहम बात यह कि संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने कहा कि आने वाले दशकों में भी जनसंख्या में वृद्धि जारी रहेगी। जिसका दबाव पृथ्वी के संसाधनों पर बढ़ता जा रहा है।

ईसा पूर्व तक केवल 20-30 करोड़ थी आबादी

आबादी में बढ़ोतरी को देखा जाया तो ईसा पूर्व तक दुनिया की आबादी केवल 20-30 करोड़ थी। यानी आज के दौर में उत्तर प्रदेश और बिहारी की आबादी के बराबर पूरी दुनिया की आबादी थी। और इसे 100 करोड़ पहुंचने में करीब 1800 साल लग गए। वर्ल्ड मीटर डॉट ओआरजी के अनुसार दुनिया की 100 करोड़ आबादी 1800 ईसवी के आस-पास पहुंची थी। लेकिन उसके बाद से आबादी ने जो रफ्तार पकड़ी, उसने पूरी दुनिया में ऐतिहासिक रूप से बदलाव कर दिया है।

औद्योगिक क्रांति के बाद से तेजी से बढ़ी

आबादी बढ़ने के इतिहास को देखा जाय तो औद्योगिक क्रांति के बाद ही, दुनिया में आबादी ने रफ्तार पकड़ी। और उसका असर यह हुआ कि 100 करोड़ से 200 करोड़ तक पहुचने में 130 साल का ही समय लगा। इसके बाद तकनीकी विकास और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार ने आबादी की रफ्तार बढ़ा दी। फिर 200 करोड़ से 300 करोड़ पहुंचने में केवल 30 साल का समय लगा। वहीं 300 करोड़ से 400 करोड़ पहुंचने में 14 साल का ही समय लगा। और अब 11 साल में हम 700 करोड़ से 800 करोड़ पहुंच गए। यानी केवल 50-55 साल में दुनिया की आबादी 400 करोड़ से 800 तक पहुंचने वाली है।

सालआबादी
1800 ईसवी के आसपास100 करोड़
1930200 करोड़
1960300 करोड़
1974400 करोड़
1987500 करोड़
1999600 करोड़
2011700 करोड़
2022 (15 नवंबर)800 करोड़

स्रोत: वर्ल्ड मीटर डॉट ओआरजी

सबसे ज्यादा इस उम्र के लोग

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या फंड के अनुसार इस समय दुनिया की 65 फीसदी आबादी 15-64 साल की उम्र की है। जबकि 65 साल से ज्यादा के उम्र के लोगों की आबादी 10 फीसदी है। UN DESA की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में प्रजनन दर कम हुई है। लेकिन इसके बावजूद 2037 तक दुनिया की आबादी 900 करोड़ पहुंच जाएगी। जबकि 2058 तक दुनिया की आबादी 1000 करोड़ यानी 10 अरब तक पहुंच जाएगी। जहां तक भारत का सवाल है तो वह 2023 यानी अगले साल चीन को पीछे छोड़ दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश बन जाएगा।

सबसे ज्यादा आबादी वाली देशजनसंख्या
चीन145 करोड़
भारत141 करोड़
संयुक्त राज्य अमेरिका33.5 करोड़
पाकिस्तान28 करोड़
इंडोनेशिया23 करोड़

स्रोत: वर्ल्ड मीटर डॉट ओआरजी

WWF और ग्लोबल प्रिंट नेटवर्क की 2022 की रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा आबादी को देखते हुए दुनिया को 1.75 साइज की पृथ्वी चाहिए। यानी 75 फीसदी ज्यादा पृथ्वी होने पर भी करीब 800 करोड़ आबादी को जरूरी संसाधन मिल सकेंगे।

जनसंख्या के इंडीकेटरफीसदी में
औसतन सालाना ग्रोथ रेट (2020-2025)1
0-14 साल की उम्र की आबादी25
जन्म दर2.4
औसत उम्र71 साल

स्रोत: UNFPA

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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