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होर्मुज के किन इलाकों पर ईरान ने बिछाई हैं बारूदी सुरंगें? क्या है तेहरान का खास प्लान

Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का ऐलान होने के बाद दुनियाभर की निगाहें होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हुई हैं। इस बीच, ईरान ने होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर बिछी हैं बारूदी सुरंगें (फोटो साभार: AI)

Sea Mines in Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का ऐलान होने के बाद दुनियाभर की निगाह होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हुई हैं। इस बीच, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर एक एडवाइजरी जारी की है, जिसमें जहाजों के लिए एक रूट बताया गया है, ताकि वह बारूदी सुरंगों से बच सकें।

ईरान की अर्धसरकारी समाचार एजेंसियों ने गुरुवार को एक 'चार्ट' प्रकाशित किया जिससे संकेत मिला कि देश के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड ने युद्ध के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरंगें बिछाई हैं। इसे ऐसे संदेश के तौर पर देखा जा रहा है जिसका मकसद अमेरिका पर दबाव बनाना है। यह चार्ट ऐसे समय में प्रकाशित हुआ है जब अमेरिका और इजरायल के साथ हुए दो सप्ताह के युद्धविराम को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का चार्ट आईएसएनए और तस्नीम समाचार एजेंसी ने जारी किया जिसे रिवोल्यूशनरी गार्ड का करीबी माना जाता है। चार्ट में पोतों द्वारा उपयोग किए जाने वाले मार्ग 'ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम' पर फारसी भाषा में ''खतरे का क्षेत्र'' अंकित करते हुए एक बड़ा घेरा दिखाया गया है। इसी क्षेत्र में रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा कथित तौर पर बारूदी सुरंगें बिछाई गईं।

जहाजों के लिए एडवाइजरी जारी

चार्ट के अनुसार, पोतों को लारक द्वीप के निकट ईरान की मुख्यभूमि के करीब उत्तरी मार्ग से गुजरने का सुझाव दिया गया जिसका युद्ध के दौरान कुछ पोतों ने पालन भी किया। इस चार्ट में 28 फरवरी से लेकर गुरुवार (नौ अप्रैल) तक की अवधि दिखाई गई है।

क्या ईरान ने हटा दीं बारूदी सुरंगें?

यह स्पष्ट नहीं है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड ने उक्त मार्ग में बिछाई गई कथित सुरंगों को हटाया है या नहीं। माना जा रहा है कि यह कदम ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच संभावित वार्ता से पहले दो सप्ताह के युद्धविराम के दौरान दबाव बनाने की रणनीति के तौर पर उठाया गया है।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच अस्थिर युद्धविराम समझौते की शुरुआती शर्तों को लेकर तेहरान और वाशिंगटन ने एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दावे किए हैं।ईरान के साथ युद्ध-विराम की घोषणा के कुछ घंटों बाद इजरायल ने बुधवार को मध्य बेरूत के घनी आबादी वाले कई आवासीय और वाणिज्यिक क्षेत्रों पर हवाई हमले किए जिसमें 203 लोगों की मौत हो गई।

लेबनान पर इजरायली हमलों से भड़का ईरान

इससे पहले, इजरायल ने लेबनान पर हमले के बाद कहा था कि ईरान के साथ हुआ युद्ध-विराम समझौता लेबनान में तेहरान के समर्थन वाले चरमपंथी समूह हिजबुल्ला के साथ उसकी लड़ाई पर लागू नहीं होता।

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी एक समाचार चैनल से कहा कि हिजबुल्ला की वजह से लेबनान को युद्ध-विराम समझौते में शामिल नहीं किया गया गया है। उन्होंने लेबनान पर इजरायल के हालिया हमलों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि "वह एक अलग लड़ाई है।'' इस बीच, ईरान ने लेबनान पर हमलों को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है। उसने इजरायल द्वारा लेबनान में हमले तेज किए जाने के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर बंद कर दिया जिससे हाल में हुआ युद्धविराम खतरे में पड़ गया है।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ता author

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स ... और देखें

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