US-South Korea के बीच बढ़ी नजदीकियां, परेशान तानाशाह किम ने मिसाइल दाग कर दी चेतावनी ?

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 25, 2022, 03:01 PM IST

North Korea के तानाशाह Kim Jong-un ने एक बार फिर से दुनिया को अपना बारूदी खेल दिखाया है, अपने पड़ोसी South Korea और दुश्मन US को अपनी ताकत दिखाने के लिए मिसाइल दागी है, जिसको उसने मिसाइल टेस्ट (Missile Test) का नाम दिया है।

Kim Jong and North Korea: नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग की एक बार फिर जंगी सनक बाहर आई है। इस बार किम जोंग ने साउथ कोरिया और अमेरिका को चौंकाते हुए एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया है। सनकी  किम जोंग ने ये मिसाइल टेस्ट ऐसे वक्त में किया है जब अमेरिका का विध्वंसक युद्धपोत USS रोनाल्ड रीगन युद्धाभ्यास के लिए साउथ कोरिया पहुंचा है। अब ऐसे में किम जोंग का ये मिसाइल टेस्ट क्या अमेरिका और साउथ कोरिया को कोई वॉर्निंग दे रहा है।

लगातार मिसाइल टेस्ट कर रहा है किम

North Korea का तानाशाह किम जोंग एक तरफ मिसाइलों की टेस्ट पर टेस्ट किए जा रहा है। अंधाधुंध हथियारों की होड़ लगाए जा रहा है। वहीं दूसरी तरह अब उसने अमेरिका को एटमी ताकत दिखाने की सीधी धमकी दे डाली है। अमेरिका और साउथ कोरिया की नजकियों ने किम जोंग को टेंशन में डाल दिया है और यही वजह है कि किम जोंग अब अमेरिका को सीधे-सीधे एटमी ताकत दिखाने की धमकी दे रहा है। नॉर्थ कोरिया की ये धमकी इसलिए भी है क्योंकि अमेरिका की वाइस प्रेसिडेंट कमला हैरिस  साउथ कोरिया के दौरे पर जाने वाली है। कमला हैरिस पहले जापान जाएंगी जहां वो पूर्व पीएम शिंजो आबे की श्रद्धांजलि सभा में शामिल होंगी इसके बाद वो 29 सितंबर को दक्षिण कोरिया पहुंचेंगी। दक्षिण कोरिया के दौरे की खबर के बाद ही किम जोंग टेंशन में है और अब वो इस दौरे के दौरान अमेरिका को अपनी एटमी धौंस देने में जुटा है।

अमेरिका को संदेश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जब कमला हैरिस दक्षिण कोरिया के दौरे पर रहेंगी तभी नॉर्थ कोरिया का तानाशाह अपने एक नए न्यूक्लियर मिसाइल का टेस्ट कर सकता है। नॉर्थ कोरिया की राजधानी प्योंगयांग इस तरह के परीक्षण की तैयारी में जोर शोर से जुटा है। किम जोंग इस न्यूक्लियर टेस्ट से दो मैसेज साफ देना चाहेगा कि वो अमेरिका से सीधे अदावत लेने को तैयार है और दूसरा वो अपने पड़ोसी दुश्मन साउथ कोरिया को हद में रहने की चेतावनी देगा। प्योंगयांग की तैयारी को देखते हुए दक्षिण कोरिया ने नॉर्थ कोरिया को हिदायत दी है कि तनाव बढ़ाने के लिए अगर किम जोंग ने नया न्यूक्लियर टेस्ट किया तो ना सिर्फ उसे अंजाम भुगतना पड़ेगा बल्कि उसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत कार्रवाई का भी सामना करने पड़ेगा लेकिन नॉर्थ कोरिया को इन सब धमकियों की परवाह नहीं है क्योंकि हाल में ही किम जोंग ने अपनी संसद में परमाणु अटैक को लेकर नई पॉलिसी को लागू की थी जो उसे और उसकी सेना को न्यूक्लियर अटैक की खुली छूट देता है।
 
न्यूक्लियर अटैक को लेकर किम की आर्मी को मिली खुली छूट से  ना सिर्फ पड़ोसी देश साउथ कोरिया डरा हुआ है बल्कि अमेरिका भी तानाशाह किम जोंग के फैसले से बेहद परेशान है।अमेरिका की परेशानी इसलिए भी वाजिब है क्योंकि नार्थ कोरिया के पास दो ऐसी न्यूक्लियर मिसाइलें हैं जिसे नार्थ कोरिया अपने इलाके में बैठे-बैठे फायर कर दे तो अमेरिका भी तबाह हो जाएगा।

इन मिसाइल क्षमताओं से है लैस

नॉर्थ कोरिया से अमेरिका की दूरी करीब 8,300 किलोमीटर से ज्यादा है और नॉर्थ कोरिया के पास मौजूद ताइपोडोंग-2 और ह्वासोंग-15 परमाणु से लैस मिसाइलें ऐसी है जिसकी जद में अमेरिका आता है। ताइपोडोंग-2 एक ऐसी न्यूक्लियर मिसाइल है जिसकी मारक क्षमता 10 हजार किलमीटर है और ये अभी ऑपरेशनल मोड में है.. वहीं ह्वासोंग-15 भी न्यूक्लियर मिसाइल है जो ICBM यानी इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल की श्रेणी में आता है। इसकी मारक क्षमता ताइपोडोंग-2 से ज्यादा है। इसकी मारक क्षमता 13 हजार किलोमीटर है जिसका परीक्षण अभी हाल में ही नॉर्थ कोरिया ने किया था।

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