Logtantra: 'पाकिस्तान के हाथ बिना हमला संभव नहीं, IS-K को बढ़ावा देता रहा है आईएसआई'

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 27, 2021, 08:13 PM IST

गुरुवार को काबुल एयरपोर्ट के बाहर धमाके के बाद तालिबान पल्ला झाड़ते हुए अमेरिकी सुरक्षा खामी को जिम्मेदार बता रहा है। लेकिन जिस तरह से आईएस-के ने जिम्मेदारी ली है उसके बाद खतरे और बढ़ गए हैं।

अफगानिस्‍तान में इस वक्‍त लोकतंत्र की कमी सबसे ज्यादा महसूस की जा रही है। कल काबुल एयरपोर्ट पर हुए धमाके बाद हालात और भी खराब हो गए हैं। अब एयरपोर्ट पर ऑपरेशन शुरू हो गया है क्‍योंकि अमेरिका समेत सभी विदेशियों को अफगानिस्‍तान से बाहर निकलने के लिए बस 4-5 दिन बाकी है, सबसे पहले आपको दिखाते हैं काबुल में कल क्‍या हुआ,आज क्‍या हो रहा है।

पाकिस्तान भी अपने बयान से हुआ बेनकाब
इस्‍लामिक स्‍टेट-खुरासान ने काबुल एयरपोर्ट में आत्‍घाती धमाकों की जिम्‍मेदारी ले ली है। उसने बकायदा एक आत्‍मघाती अब्दुल रहमान अल लागोरी की तस्‍वीर भी जारी की, जिसने काबुल एयरपोर्ट पर खुद को उड़ा लिया। इन सबके बीच पाकिस्तान ने तालिबान को ट्रेनिंग का खुला ऑफर दिया है | इससे पहले वन अफगान सेना को भी ट्रेनिंग दे चुका है | जानकार कहते हैं कि इसमें दो मत नहीं कि पाकिस्तान अब अपने नापाक मंसूबों को जमीन पर और आक्रामक तौर पर उतारने का काम करेगा। वैश्विक स्तर पर अब आतंकवाद के खिलाफ और अधिक एकजूट होने की आवश्यकता है।
 4 दिन में काबुल छोड़ों 
कहां के कितने लोग बचे ?


  1. अमेरिका के 1,500 नागरिक 
  2. यूके के 400 नागरिक 
  3. जर्मनी के 200 नागरिक 

बाहर निकलने की होड़ 
दूतावासों का लक्ष्‍य

  1. 30 अगस्‍त तक सब निकल जाएं 
  2. 12 दिन में 1 लाख लोग बाहर निकले        


तालिबान, हमले में अपना हाथ नहीं होने की बात कर रहा है, हमले की निंदा कर रहा है। इस बीच  अफगानिस्‍तान के पूर्व उपराष्‍ट्रपति अमरुल्‍लाह सालेह ने भी ट्वीट किया कि तालिबान जैसे ISIS से अपने रिश्‍तों से इनकार करता है ये वैसा ही है जैसे पाकिस्‍तान, अफगान तालिबान से अपने रिश्‍तों से मना करता है। तालिबान अपने आका से बहुत अच्‍छी सीख ले रहा है। 

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