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वेनेजुएला में सदी का सबसे भीषण भूकंप: 40 सेकंड में दो महा-झटके, ढहीं इमारतें; सरकारी तेल प्लांट बुरी तरह प्रभावित

Pequiven Plant Moron Carabobo: वेनेजुएला में आए 7.1 और 7.5 तीव्रता के दो भीषण भूकंपों ने तबाही मचाई है। राजधानी कैराकास में इमारतें ढह गई हैं और मोरोन के पेक्विवेन ऑयल प्लांट को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

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वेनेजुएला में सदी का सबसे भीषण भूकंप: 40 सेकंड में दो महा-झटके, ढहीं इमारतें; सरकारी तेल प्लांट बुरी तरह प्रभावित (AP)

Venezuela Earthquake 2026: दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला से इस समय तबाही की एक बेहद खौफनाक खबर आ रही है। वेनेजुएला में गुरुवार तड़के (भारतीय समयानुसार) एक के बाद एक दो इतने भीषण भूकंप आए हैं, जिसने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। रिक्टर पैमाने पर 7.1 और 7.5 तीव्रता के इन जुड़वां भूकंपों को इस लैटिन अमेरिकी देश में पिछले 100 सालों (एक सदी) का सबसे शक्तिशाली भूकंप बताया जा रहा है। राजधानी कैराकास (Caracas) में कई आलीशान और बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं और चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है।

मोरोन का 'पेक्विवेन प्लांट' प्रभावित, तेल संकट का खतरा

कुदरत के इस कहर ने वेनेजुएला की रीढ़ कहे जाने वाले तेल और औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान पहुंचाया है। भूकंप का केंद्र मोरोन (Morón) के पास होने के कारण काराबोबो राज्य में स्थित देश के सबसे बड़े 'पेक्विवेन (Pequiven) पेट्रोकेमिकल और फर्टिलाइजर कॉम्प्लेक्स' को भारी क्षति पहुंची है। प्लांट से आई तस्वीरों और वीडियो में तबाही का मंजर साफ देखा जा सकता है, जिससे देश के औद्योगिक क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

मात्र 40 सेकंड के अंदर आए दो महा-झटके

USGS (अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण) के मुताबिक, पहला झटका 7.1 तीव्रता का था, जिसका केंद्र तटीय शहर मोरॉन से पश्चिम में ज़मीन से मात्र 13 किलोमीटर की गहराई पर था। लोग इस झटके से संभल भी नहीं पाए थे कि ठीक 40 सेकंड बाद 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक विनाशकारी मुख्य झटका आ गया। इस दूसरे भूकंप का केंद्र जमीन से सिर्फ 10 किलोमीटर नीचे था। वैज्ञानिकों के अनुसार, भूकंप का केंद्र सतह के जितना करीब होता है, तबाही उतनी ही भयानक होती है।

मलबे में तब्दील हुई राजधानी कैराकास, उड़ती दिखी धूल

भूकंप के वक्त राजधानी कैराकास की ऊंची-ऊंची इमारतें किसी पेंडुलम की तरह हिलने लगीं। लोग चीखते-चिल्लाते हुए अपने घरों और रेस्टोरेंट्स से बाहर खुले मैदानों की तरफ भागे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, देखते ही देखते कई इलाकों में घरों की दीवारें ढह गईं, जिससे अंदर रखे सोफे और फर्नीचर सड़कों से साफ दिखाई दे रहे थे। शहर के आसमान में सिर्फ मलबे और धूल के गुबार छा गए। भूकंप के तुरंत बाद प्यूर्टो रिको और वर्जिन आइलैंड्स के लिए सुनामी का अलर्ट भी जारी किया गया था, जिसे स्थिति सामान्य होने पर वापस ले लिया गया।

सरकार ने लागू किया इमरजेंसी प्रोटोकॉल

वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Delcy Rodriguez) ने सरकारी टेलीविजन पर आकर पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। वहीं, आंतरिक मामलों के मंत्री डियोसडाडो काबेलो (Diosdado Cabello) ने बताया कि कैराकास का 'अल्तामीरा' इलाका सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जहां कई इमारतें गिर चुकी हैं। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा, 'स्थितियां बेहद डरावनी हैं और लगातार आ रहे आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) बची हुई कमजोर इमारतों को भी गिरा सकते हैं। लोग घरों के अंदर बिल्कुल न जाएं। मलबे से लोगों को निकालने के लिए एम्बुलेंस के रास्तों को खाली रखें और बुजुर्गों व बच्चों का खास ख्याल रखें।' बता दें कि राहत और बचाव दल मलबे में दबी जिंदगियों को तलाशने में जुटे हैं, लेकिन भारी नुकसान के कारण बड़े पैमाने पर कैजुअल्टी (जान-माल के नुकसान) की आशंका जताई जा रही है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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