ये है दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट करियर, चलता है दल-बल के साथ, 'थरथराता' है समंदर का सीना

World largest aircraft carrier USS Gerald R Ford strength: दुनिया में कुछ ही चुनिंदा देश हैं जिनके पास विमान वाहक पोत यानी एयरक्राफ्ट करियर हैं। विमान वाहक पोत वाले देशों की अगर बात की जाए तो इनमें अमेरिका, चीन, भारत फ्रांस, इटली, रूस, ब्रिटेन और जापान शामिल हैं और सबसे अधिक एयरक्राफ्ट करियर वाले देश की अगर बात की जाए तो इस सूची में अमेरिका शीर्ष पर है। यूएस के पास कुल 11 एयरक्राफ्ट करियर हैं। इनमें से कुछ परमाणु ऊर्जा से संचालित एयरक्राफ्ट करियर हैं। अमेरिका का यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड (CVN-78) दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट करियर है। यह परमाणु ऊर्जा से चलता है। (तस्सवीर-X/@NavalInstitute)

Produced by: आलोक कुमार रावUpdated Dec 3 2025, 14:06 IST
​कैरेबियन सागर में तैनात है यूएसएस गेराल्ड आर फोर्डImage Credit : Twitter01 / 07

​कैरेबियन सागर में तैनात है यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड

अमेरिका ने अपने इस एयरकाफ्ट करियर को कैरेबियन सागर में तैनात कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वेनेजुएला में रि-जीम चेंज करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि राष्ट्रपति निकोलस मदुरो अपनी गद्दी छोड़कर कहीं और चले जाएं लेकिन मदुरो इसके लिए तैयार नहीं हैं। (तस्वीर-X/@sentdefender)

साढ़े चार हजार चालक दल के सदस्यImage Credit : Twitter02 / 07

साढ़े चार हजार चालक दल के सदस्य

यूएसएस गेराल्ड आर फोर्ड पर करीब साढ़े चार हजार चालक दल के सदस्य होते हैं। यानी इस पर उत्तर प्रदेश के गांव की एक सामान्य आबादी इस पर रहती है। इस एयरक्राफ्ट की लंबाई 1,106 फीट यानी 337 मीटर है। इसका फ्लाइट डेक 333 बॉय 78 मीटर है। इस पर 75 से ज्यादा लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों को तैनात किया जा सकता है। इसमें परमाणु ईंधन पैद करने के लिए दो रिएक्टर लगे हैं। इसकी रफ्तार करीब 30 नॉट प्रति घंटे हैं। (तस्वीर-X/@kadonkey)

​समुद्र में अलग-अलग जगहों पर देखा गया एयरक्राफ्ट करियरImage Credit : Twitter03 / 07

​समुद्र में अलग-अलग जगहों पर देखा गया एयरक्राफ्ट करियर

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस के इस सबसे बड़े जहाज को 27 नवंबर को डोमिनिकन रिपब्लिक के दक्षिण में लगभग 75 मील (120 किमी) की दूरी पर देखा गया। यह वेनेज़ुएला के तट से लगभग 435 मील (700 किमी) दूर है। इससे पहले इसे नवंबर के मध्य में और पूर्व दिशा में देखा गया था, जब यह प्यूर्टो रिको जो कैरेबियन में अमेरिका का एक क्षेत्र है के दक्षिण में लगभग 125 मील (201 किमी) की दूरी पर था, और फिर यह दक्षिण की ओर बढ़ने के बाद डोमिनिकन रिपब्लिक की ओर मुड़ गया। (तस्वीर-X/@USNavy)

पूरे दल-बल के साथ अभियान पर निकलता हैImage Credit : Twitter04 / 07

पूरे दल-बल के साथ अभियान पर निकलता है

गेराल्ड आर फोर्ट क्लास का यह एयरक्राफ्ट करियर पूरे दल-बल के साथ समुद्र में अपने अभियान पर निकलता है। इसके साथ विध्वंसक, फ्रिगेट, पनडुब्बियां सभी इसके इर्द-गिर्द होते हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि जब यह आगे बढ़ता है तो करीब एक लाख टन पानी को उद्वेलित करता है। इससे इसके आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है। (तस्वीर-X/@USNavy)

​ट्रंप का दावा वेनेजुएला से यूएस पहुंच रही ड्रग की खेपImage Credit : Twitter05 / 07

​ट्रंप का दावा वेनेजुएला से यूएस पहुंच रही ड्रग की खेप

ट्रंप का दावा है कि वेनेजुएला से ड्रग्स (नशीली दवाओं) की बड़ी खेप यूएस में पहुंच रही है और इससे लोगों की मौत हो रही है। हाल के दिनों में अमेरिकी सेना ने कैरिबियन सागर में कथित रूप से ड्रग ले जा रहीं बोट्स को निशाना बनाया है। (तस्वीर-X/@USNavy)

युद्धक पोतों से वेनेजुएला की घेरेबंदीImage Credit : Twitter06 / 07

युद्धक पोतों से वेनेजुएला की घेरेबंदी

वेनेज़ुएला के सबसे निकट हमने जो जहाज देखा, वह एक ईंधन आपूर्ति जहाज था, जिसे 27 नवंबर को वेनेज़ुएला के तट से 298 मील (480 किमी) उत्तर में देखा गया। उपग्रह चित्रों में कैरेबियन क्षेत्र में पांच और जहाज दिखे, लेकिन उनकी पहचान निश्चित नहीं हो पाई। यह भी पता चलता है कि एक मामले में एक नौसैनिक जहाज, जिसे पहले कैरेबियन में ट्रैक किया गया था, अमेरिका लौट चुका है और अब फ्लोरिडा के वेस्ट में है। (तस्वीर-X/@USNavy)

​समुद्र में अन्य अमेरिकी जहाज भी देखे गएImage Credit : Twitter07 / 07

​समुद्र में अन्य अमेरिकी जहाज भी देखे गए

बीबीसी का कहना है कि जेराल्ड आर फोर्ड के निकट कई अन्य जहाजों को भी देखा गया है और कैरेबियन में कुछ अन्य अमेरिकी जहाजों की पहचान भी हुई है। इनमें एमवी ओशन ट्रेडर, जो एक विशेष अभियानों का कमान पोत शामिल है। इसे 25 नवंबर को उपग्रह चित्रों में प्यूर्टो रिको और डोमिनिकन रिपब्लिक के बीच देखा गया। इसके अलावा यूएसएस एंटोनियो क्लास का एक जहाज 27 नवंबर को प्यूर्टो रिको के दक्षिण में 65 मील (90 किमी) की दूरी पर देखा गया। (तस्वीर-X/@NavalInstitute)

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