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अमेरिका ने 'डी रिस्क इंडिकेटर' अलर्ट किया जारी, नागरिकों को अफगानिस्तान, केन्या और रूस की यात्रा न करने की दी चेतावनी

USA: अमेरिका ने एक बार फिर अपने नागरिकों से अफगानिस्तान की यात्रा करने से बचने का आग्रह किया है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने अफगानिस्तान के साथ-साथ, बर्मा, इरीट्रिया, ईरान, निकारागुआ, उत्तर कोरिया, रूस और वेनेजुएला सहित कई अन्य देशों को भी इस लिस्ट में चिन्हित किया है।

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अमेरिका ने जारी किया डी रिस्क इंडिकेटर

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

D Risk Indicator: संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक बार फिर अपने नागरिकों से अफगानिस्तान की यात्रा करने से बचने का आग्रह किया है। अमेरिका ने नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरों और मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने की संभावना की चेतावनी दी है। अमेरिकी विदेश विभाग ने अमेरिकियों को सलाह दी कि वे अफगानिस्तान की यात्रा पर विचार करने से पहले जोखिमों के प्रति सचेत रहें और सोच-समझकर निर्णय लें। परामर्श में बताया गया है कि वाशिंगटन अपने यात्रा अलर्ट में एक विशेष डी जोखिम संकेतक का उपयोग उन देशों को चिह्नित करने के लिए करता है जहां अमेरिकी नागरिकों को गलत या मनमाने ढंग से हिरासत में लिए जाने का उच्च जोखिम है। रिपोर्ट में कहा गया है कि जमीनी स्तर पर खतरों की गंभीरता के कारण अफग़ानिस्तान इस सूची में सबसे ऊपर है।

अमेरिका ने अपने नागरिकों को इन देशों की यात्रा करने से बचने की दी सलाह

अफगानिस्तान के साथ-साथ, विदेश विभाग ने बर्मा, इरीट्रिया, ईरान, निकारागुआ, उत्तर कोरिया, रूस और वेनेजुएला सहित कई अन्य देशों को भी चिन्हित किया है, जहां समान खतरे मौजूद हैं। खामा प्रेस ने बताया कि यह चेतावनी उन घटनाओं के बाद आई है जिनमें तालिबान अधिकारियों ने अफगानिस्तान में प्रवेश करने वाले अमेरिकी नागरिकों को हिरासत में लिया था, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर वाशिंगटन की चिंता बढ़ गई थी। खामा प्रेस के अनुसार, अफगानिस्तान को अपनी जोखिम सूची में सबसे ऊपर रखकर अमेरिकी सरकार ने नागरिकों से उस देश की यात्रा की किसी भी योजना पर पुनर्विचार करने का आह्वान किया है।

विदेश विभाग ने इस साल की शुरुआत में अफग़ानिस्तान यात्रा चेतावनी फिर से जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी नागरिकों को आतंकवाद, नागरिक अशांति, अपहरण और गलत तरीके से हिरासत में लिए जाने के जोखिम सहित कई खतरों का सामना करना पड़ रहा है। इसमें यह भी जोर दिया गया था कि काबुल में अमेरिकी दूतावास 2021 से बंद है, जिससे वाशिंगटन अपने नागरिकों को कांसुलर सहायता प्रदान करने में असमर्थ है। विदेश विभाग ने कहा कि अफग़ानिस्तान में कई आतंकवादी समूह सक्रिय हैं और अमेरिकी नागरिक अपहरण और बंधक बनाने के निशाने पर हैं। तालिबान ने सहायता और मानवीय कार्यकर्ताओं को परेशान किया है और उन्हें हिरासत में लिया है। भले ही आप व्यवसाय करने के लिए उपयुक्त अधिकारियों के पास पंजीकृत हों, फिर भी हिरासत में लिए जाने का खतरा ज़्यादा बना रहता है।

इसके अलावा, विदेश विभाग ने केन्या के लिए भी अलर्ट जारी किया है, जिसमें नागरिकों को सलाह दी गई है कि आतंकवादी समूह बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकते हैं। परामर्श में कहा गया है कि अल-शबाब जैसे आतंकवादी समूह केन्या में एक सतत और लगातार खतरा बने हुए हैं। होटल, दूतावास, रेस्टोरेंट, मॉल और बाजार, स्कूल, पुलिस स्टेशन, धार्मिक स्थल और विदेशियों व पर्यटकों द्वारा अक्सर देखी जाने वाली अन्य जगहें आकर्षक लक्ष्य बनी हुई हैं। आतंकवादी समूह बिना किसी चेतावनी के हमला कर सकते हैं।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishra author

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है... और देखें

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