US Iran War: अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव के ज्यादातर बिंदुओं को ईरान ने मानने से इनकार कर दिया है। इतना ही नहीं ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को अवास्तविक और तर्कहीन करार दिया है। इसी बीच ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि अमेरिका की बात ईरान के नए शासन से चल रही है।
'ईरान के नए शासन से चल रही बात'
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि अमेरिका एक “नए और ज्यादा समझदार शासन” के साथ बातचीत कर रहा है, ताकि ईरान में चल रहे सैन्य ऑपरेशन को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि बातचीत में “काफी प्रगति” हुई है और जल्द ही समझौता होने की संभावना है।
क्या खर्ग आईलैंड पर फिर से हमला करेगा अमेरिका?
हालांकि, उन्होंने साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि अगर डील नहीं हुई, तो अमेरिका ईरान के इलेक्ट्रिक जनरेटिंग प्लांट्स, ऑयल वेल्स और खार्ग आइलैंड जैसे अहम ठिकानों को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अब तक इन ठिकानों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया है, लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो वो ऐसा करने से परहेज नहीं करेंगे।
ट्रंप ने आगे कहा कि पिछले 47 सालों में ईरान के पुराने शासन ने अमेरिकी सैनिकों और अन्य लोगों की क्रूरतापूर्वक हत्या की है। इसलिए ईरान पर जोरदार हमले करने के अमेरिका पीछे नहीं हटेगा।
क्या है अमेरिका का 15-सूत्रीय प्रस्ताव
- Iran के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने की मांग
- यूरेनियम एनरिचमेंट रोकना, संवर्धित सामग्री सौंपना और नतांज मुख्य परमाणु केंद्र, फोर्डो भूमिगत यूरेनियम एनरिचमेंट प्लांट, इस्फहान रिसर्च और टेक्नोलॉजी हब जैसे केंद्र बंद करना
- अंतरराष्ट्रीय निगरानी स्वीकार करना और क्षेत्रीय संगठनों (Hezbollah, Houthis) को समर्थन बंद करना
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखना और अस्थायी युद्धविराम की दिशा में कदम
- बदले में अमेरिका की पेशकश: प्रतिबंध हटाना, नागरिक परमाणु सहयोग और “स्नैपबैक” व्यवस्था खत्म करना
