खालिस्तानी नेटवर्क पर पहली बार ब्रिटेन ने की कार्रवाई; बब्बर खालसा की फंडिंग ब्लॉक, आतंकियों के मददगार की संपत्ति फ्रीज
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Dec 6, 2025, 05:40 PM IST
यूके सरकार ने खालिस्तान समर्थक और प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा और उससे जुड़े नेटवर्क की फंडिंग को रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। सरकार ने बब्बर खालसा से जुड़े गुरप्रीत सिंह रैहल की संपत्तियों को सीज कर दिया है। साथ ही उसके खिलाफ डायरेक्टर डिसक्वालिफिकेशन लागू कर दिया है।
बब्बर खालसा की फंडिंग रोकने के लिए ब्रिटेन ने पहली बार लगाया प्रतिबंध।
ब्रिटेन ने खालिस्तान समर्थक आतंकी संगठन बब्बर खालसा पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। पहली बार यूके ने इस नेटवर्क की फंडिंग पर सीधे शिकंजा कसते हुए सख्त वित्तीय प्रतिबंध लगाए हैं। यूके सरकार ने वित्तीय गतिविधियों पर रोक लगाते हुए बब्बर खालसा से जुड़े व्यक्तियों और संगठनों की संपत्ति फ्रीज कर दी हैं।
ब्रिटेन ट्रेजरी द्वारा भारतीय सिख मूल के ब्रिटिश व्यावसायी गुरप्रीत सिंह रैहल के खिलाफ बडी कार्रवाई की गई है। रैहल की संपत्तियों को फ्रीज कर दिया है। इसके अलावा, किसी भी ब्रिटिश कंपनी में उसके डायरेक्टर बनने या प्रंबंधन में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है।
आतंकी नेटवर्क में सक्रिय भूमिका के सबूत
यूके ट्रेजरी द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, रैहल पर आरोप है कि वह बब्बर खालसा और बब्बर अकाली लहर की भर्ती गतिविधियों में शामिल था। इतना ही नहीं वह इनके लिए फंड जुटाता था। उन्हें हथियार और सैन्य सामग्री की खरीदने में मदद करता था। इसके साथ ही, बब्बर अकाली लहर की भी संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।इस संगठन पर भी बब्बर खालसा की गतिविधियों को बढ़ावा देने और समर्थन देने का आरोप है।
ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग बर्दाश्त नहीं
यूके की इकोनॉमिक सेक्रेटरी ट्रेजरी, लूसी रिगबी ने इस कार्रवाई को लेकर कहा कि हम आतंकवाद के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। जब आतंकवादी ब्रिटेन की वित्तीय प्रणाली का दुरुपयोग करने की कोशिश करेंगे हम उनके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। हमारी ताजा कार्रवाई दिखाती है कि हम आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार हैं।
कार्रवाई के पीछे कानूनी तर्क क्या है?
यूके ट्रेजरी ने यह कार्रवाई आतंकवाद विरोधी (प्रतिबंध) विनियम 2019 के तहत की है। इसके तहत सरकार आतंकवादी गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों और संस्थाओं की संपत्तियां फ्रीज कर सकती है, उनपर आर्थिक प्रतिबंध, और गतिविधियों पर रोक लगा सकती है। बब्बर खालसा पहले से ही ब्रिटेन की सूची में एक प्रतिबंधित आतंकी संगठन है।