UK Grooming Gangs Case: 'हम यहां सभी गोरी लड़कियों के साथ सेक्स करने और सरकार की धज्जियां उड़ाने आए हैं। हम यहां अपनी आबादी बढ़ाने और कब्जा करने आए हैं।'ड्यूसबरी ग्रूमिंग गैंग के एक बलात्कारी ने जिस लड़की को अपनी हवस का शिकार बनाया, उससे यह बात कही गई।
यह गरीबी नहीं थी। न ही कोई 'सांस्कृतिक गलतफहमी।' और न ही 'एशियाई' लोगों द्वारा किया गया कोई आम अपराध। ये मुस्लिम पुरुष हैं, जो एक साफ धार्मिक और नस्लीय विचारधारा के साथ काम कर रहे हैं। @Rothmus नामक एक X पर यूजर ने यह बातें कहीं। जिसपर X के मालिक व दुनिया के सबसे अमीर शख्स एलन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। बता दें कि ब्रिटेन पाकिस्तानी ग्रूमिंग गैंग से भरा पड़ा है। वहीं, ड्यूसबरी ग्रूमिंग गैंग मामला बाल यौन शोषण का एक बड़ा संगठित अपराध है। यहां के किर्कलिस (Kirklees) क्षेत्र, विशेषकर ड्यूसबरी और बैटले में पाकिस्तानी मूल के पुरुषों ने कमजोर और बेसहारा नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाकर उनका यौन उत्पीड़न किया है।
हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यहां पर महिलाओं और बच्चियों के साथ आए दिन क्राइम होते हैं और पुलिस से लेकर सरकार तक सभी पर सवाल उठते हैं, लेकिन ब्रिटेन के अंदर तक घुस चुके इन हैवानों के नेटवर्क को उखाड़ना बेहद मुश्किल हो गया है।
ग्रूमिंग गैंग बलात्कारियों पर यूके की संसद में क्या कहा गया?
जो एक X पोस्ट पर एलन मस्क ने रिप्लाई किया, वो था- देखिए- ये इन्होंने क्या कहा...बात पोस्ट में कही गई आगे की बातों व साथ में लगाए गए एक वीडियो की करें तो इसमें कहा गया, ' गोरी गैर-मुस्लिम लड़कियां उनके (पाकिस्तानियों) लिए 'वेश्या', 'कचरा' और 'काफिर वेश्या' थीं, जिन्हें आसानी से बहला-फुसलाकर (ग्रूमिंग), गैंग-रेप, तस्करी और मारपीट का शिकार बनाया जा सकता था। और मुस्लिम लड़कियां पवित्र थीं। गोरी लड़कियां इसी लायक थीं।
कुछ अपराधियों ने धार्मिक ग्रंथों का हवाला दिया और अपने कामों को गैर-मुसलमानों (काफिरों) पर धार्मिक रूप से सही ठहराई गई श्रेष्ठता के तौर पर पेश किया।'
ब्रिटेन सरकार पर आरोप
कहा गया, 'जब सरकार बार-बार अपने ही बच्चों के बजाय विचारधारा से प्रेरित बलात्कारियों का साथ देती है, जब वह अपनी बेटियों की रक्षा करने की कोशिश कर रहे पिताओं और समुदायों को धोखा देती है, तो लोगों के सिस्टम से भरोसा उठने और मामले को अपने हाथों में लेने पर हैरान न हों।'
पोस्ट में कहा गया, 'यह आबादी और संस्कृति के जरिए कब्जा करने की कोशिश है। ब्रिटेन के अस्तित्व पर हमला, जिसे उन लोगों ने ही मुमकिन बनाया जिन्होंने इसकी रक्षा करने की कसम खाई थी। गोरे लोगों और ईसाइयों के खिलाफ नफरत रखने वाला और नस्लभेदी सोच वाला मेहदी हसन, केसी रिपोर्ट और सच सामने लाने की पूरी कोशिश को बकवास कहता है।
अदालत में बलात्कारियों के अपने शब्द और जिन लड़कियों की जिंदगी उन्होंने बर्बाद की, वे कुछ और ही कहानी कहते हैं। इतने जोर-शोर से सच को नकारना बस यह पक्का करता है कि कौन अभी भी उस नैरेटिव (कहानी) को बचा रहा है और क्यों।'
बता दें कि ब्रिटेन (यूके) में पिछले कुछ दशकों के दौरान सामने आए बच्चों के यौन शोषण और 'ग्रूमिंग गैंग्स' के मामलों को लेकर ब्रिटिश समाज और सोशल मीडिया पर बहस एक बार फिर बेहद उग्र हो गई है। आरोप हैं कि अपराधियों ने एक खास नस्लीय और धार्मिक मानसिकता के तहत श्वेत (White) बच्चियों को निशाना बनाया, जबकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस नस्लवादी कहलाने के डर से सालों तक इस पर आंखें मूंद कर बैठे रहे।
ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल
इस संवेदनशील मुद्दे पर बढ़ते जनाक्रोश को देखते हुए ब्रिटिश सरकार द्वारा नियुक्त बैरोनेस लुईस केसी की राष्ट्रीय ऑडिट रिपोर्ट ('केसी रिपोर्ट') सार्वजनिक की गई है। इस रिपोर्ट ने ब्रिटिश अधिकारियों और सुरक्षा तंत्र की गंभीर विफलता को उजागर किया है। एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि ग्रूमिंग का तरीका आम तौर पर एक जैसा ही होता था: मुस्लिम पुरुष कम उम्र की लड़कियों से दोस्ती करते थे, उन्हें शराब, ड्रग्स और सिगरेट देते थे, और फिर स्कूल गेट, केयर होम और सड़कों से उन्हें ले जाकर पुरुषों के समूह बार-बार उनका रेप करते थे।
