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यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर अमेरिका-रूस की अहम बैठक पर बोले ट्रंप- 'युद्ध समाप्त करना चाहते हैं पुतिन'

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर लंबी वार्ता हुई। दोनों पक्षों ने संघर्ष समाप्त करने के संभावित विकल्पों पर चर्चा की, हालांकि प्रमुख मतभेद अब भी बने हुए हैं। यूरी उशाकोव ने इस बैठक को वाशिंगटन और मॉस्को के बीच सबसे महत्वपूर्ण वार्ताओं में से एक बताया।

Donald Trump (Photo: ANI)

डोनाल्ड ट्रंप (फोटो: एएनआई)

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Putin Trump Ukraine Peace Talks: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन शांति प्रस्ताव पर हुई बातचीत बेहद अच्छी रही, और इससे यह प्रभाव मिला कि पुतिन "युद्ध समाप्त करना चाहते हैं।" बुधवार को अमेरिकी विशेष दूत स्टीव विटकॉक और ट्रंप ने मॉस्को में पुतिन के साथ पांच घंटे लंबी बातचीत की। यह बातचीत फरवरी 2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर केंद्रित थी।

बेहद अच्छी रही बैठक

ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया कि पुतिन की जारेड कुशनर और स्टीव व्हिटकॉफ के साथ हुई बैठक बेहद अच्छी रही। उन्होंने कहा कि बैठक से क्या निष्कर्ष निकला, यह बताना अभी संभव नहीं है, क्योंकि किसी भी समझौते के लिए दोनों पक्षों का सहयोग जरूरी होता है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि पुतिन युद्ध को समाप्त करने की इच्छा रखते हैं — यही धारणा उस मुलाकात से बनी।

यूरी उशाकोव का बयान

इसी बीच, क्रेमलिन के वरिष्ठ सलाहकार यूरी उशाकोव ने बुधवार को बताया कि यह बैठक संघर्ष शुरू होने के बाद से वाशिंगटन और मॉस्को के बीच हुई सबसे महत्वपूर्ण वार्ताओं में से एक थी। हालांकि, क्षेत्रीय मुद्दों पर अब तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। ट्रंप के अनुसार, प्रतिनिधिमंडल ने संभावित समझौते के रास्तों पर चर्चा जरूर की, लेकिन कई प्रमुख मतभेद अभी भी बरकरार हैं। ट्रंप ने यह दावा भी किया कि वह यूक्रेन संकट के समाधान के करीब पहुंच चुके हैं, हालांकि उनके मुताबिक अभी काफी प्रयास किए जाने बाकी हैं।

संभावित विकल्पों पर चर्चा

अमेरिकी पक्ष ने भले ही नई प्रस्तावनाएं रखीं, लेकिन यूक्रेनी क्षेत्रों को लेकर मुख्य मतभेद अभी भी बने हुए हैं। उशाकोव के अनुसार, बातचीत में रूस के कई वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें निवेश प्रतिनिधि किरिल दिमित्रीयेव भी शामिल थे, मौजूद रहे। इन बैठकों में संघर्ष समाप्त करने के लिए कई संभावित विकल्पों पर चर्चा हुई। उशाकोव ने यह भी स्पष्ट किया कि पूरी वार्ता गोपनीय रहेगी। उनके शब्दों में, “यह चर्चा गोपनीय थी। हमने सहमति जताई है कि बातचीत की वास्तविक सामग्री को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।” उनके अनुसार अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है, हालांकि बातचीत जारी है।

यूरोपीय भूमिका की आलोचना

क्रेमलिन के सलाहकार ने यह भी बताया कि राष्ट्रपति पुतिन ने विटकॉफ से अनुरोध किया कि वे कुछ “महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश” सीधे राष्ट्रपति ट्रंप तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा, “वे अपनी रिपोर्ट ट्रंप को देंगे और हमसे संपर्क करेंगे,” जिससे संकेत मिलता है कि दोनों देशों के बीच आगे भी बातचीत होगी। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात से पहले पुतिन ने शांति प्रक्रिया में यूरोपीय भूमिका की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ के देशों ने ऐसे प्रस्ताव भेजे हैं जिनका उद्देश्य केवल “पूरी शांति प्रक्रिया को बाधित करना” है।

 Nilesh Dwivedi
Nilesh Dwivedi author

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अप... और देखें

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