Donald Trump on Iran: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक तरह से अंतिम चेतावनी दे दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान को अमेरिका के साथ डील कर लेना चाहिए नहीं तो 'उसके लिए यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण होगा'। अमेरिकी राष्ट्रपति ने डील के लिए ईरान को 10 से 15 दिन का समय दिया है। मीडिया से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि 'हम या तो बहुत अच्छी डील करने जा रहे हैं अथवा यह उनके लिए बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण साबित होना जा रहा है। डील करने के लिए मैं ईरान को 10 से 15 दिन का समय दे रहा हूं। यह पर्याप्त समय है।' डील के लिए ट्रंप ने ईरान पर दबाव काफी बढ़ा दिया है। अमेरिका के युद्धपोत ईरान के नजदीक पहुंच गए हैं।
अगले सप्ताह इजरायल जा सकते हैं रूबियो
वहीं विदेश मंत्री मार्को रुबियो अगले सप्ताह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को अमेरिका-ईरान परमाणु वार्ता के बारे में जानकारी देने के लिए इजरायल की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, रुबियो के 28 फरवरी को नेतन्याहू से मिलने की उम्मीद है। इन अधिकारियों ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर यात्रा योजनाओं का विवरण बुधवार को दिया, जिसकी घोषणा अब तक नहीं की गई है।
परमाणु कार्यक्रम पर दो दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता हुई
अमेरिका और ईरान के बीच हाल में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर दो दौर की अप्रत्यक्ष वार्ता हुई है। दोनों पक्षों के अधिकारियों ने इस सप्ताह हुई प्रगति के बारे में कुछ हद तक उम्मीद जतायी है। वहीं ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने यह भी कहा कि समझौते तक पहुंचने के लिए 'एक नया रास्ता खुल गया है।’ अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे डी वेंस ने मंगलवार को फॉक्स न्यूज चैनल के साथ साक्षात्कार में वार्ता के बारे में कहा, 'कुछ मायनों में वार्ता अच्छी रही। लेकिन अन्य मायनों में यह स्पष्ट था कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ ऐसी सीमाएं तय की हैं जिन्हें ईरानी अभी तक स्वीकार करने और उन पर काम करने के लिए तैयार नहीं हैं।’
पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस आए थे नेतन्याहू
नेतन्याहू ने पिछले सप्ताह व्हाइट हाउस (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) का दौरा किया था और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आग्रह किया था कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित किसी भी समझौते में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को समाप्त करने तथा हमास और हिजबुल्ला जैसे छद्म समूहों को दिए जाने वाले वित्तपोषण पर रोक संबंधी कदम उठाए जांए।
