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क्या रूस दे रहा ईरान को खुफिया जानकारी? ट्रंप ने बताया महत्वहीन, कहा- इससे कुछ हासिल नहीं होगा

ट्रंप ने एसोसिएटेड प्रेस और अन्य समाचार आउटलेट्स की उन रिपोर्टों की पुष्टि करने से परहेज किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना ​​है कि रूस ने ईरान को इस तरह की लक्ष्यीकरण संबंधी जानकारी दी है।

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क्या रूस दे रहा ईरान को खुफिया जानकारी? ट्रंप ने बताया महत्वहीन, कहा- इससे कुछ हासिल नहीं होगा

Donald Trump on Iran-Russia: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि अगर रूस ने ईरान को मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य कर्मियों और संपत्तियों को निशाना बनाने में मदद करने के लिए जानकारी दी है, तो यह बात महत्वहीन है, क्योंकि पिछले एक हफ्ते से युद्ध जारी है। अमेरिकी और इजराइल द्वारा ईरान पर युद्ध शुरू करने के एक दिन बाद कुवैत में ड्रोन हमले में मारे गए छह सैनिकों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति ने ऐसी सूचना-साझाकरण के महत्व को खारिज कर दिया। इस युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को अस्थिर कर दिया है।

क्या रूस ने ईरान को जानकारी दी?

ट्रंप ने एसोसिएटेड प्रेस और अन्य समाचार आउटलेट्स की उन रिपोर्टों की पुष्टि करने से परहेज किया जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी खुफिया अधिकारियों का मानना है कि रूस ने ईरान को इस तरह की लक्ष्यीकरण संबंधी जानकारी दी है। लेकिन अगर मॉस्को इस तरह की जानकारी दे रहा है, तो उन्होंने कहा कि ईरान को इससे कुछ खास फायदा नहीं हो रहा है। ट्रंप ने मियामी जाते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से कहा, अगर आप पिछले एक हफ्ते में ईरान के साथ जो हुआ है, उस पर नजर डालें, तो अगर उन्हें जानकारी मिल भी रही है, तो इससे उन्हें कोई खास मदद नहीं मिल रही है।

रूस के खिलाफ यूक्रेन को भी मिली है अमेरिकी मदद

रूस द्वारा आक्रमण किए जाने के बाद से पिछले चार वर्षों में यूक्रेन को रूस से आने वाली मिसाइलों से बचाव में मदद करने के साथ-साथ कीव को कुछ रूसी ठिकानों पर हमला करने में मदद करने के लिए अमेरिकी खुफिया जानकारी प्राप्त हुई है। रूस द्वारा ईरान को युद्धक्षेत्र संबंधी खुफिया जानकारी सौंपने के महत्व को कम करके आंकना तब हुआ जब अमेरिकी वित्त विभाग ने इस सप्ताह की शुरुआत में घोषणा की कि वह भारत को 4 अप्रैल तक एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदना जारी रखने की अस्थायी अनुमति दे रहा है।

भारत को तेल आयात की छूट का मुद्दा गरमाया

विश्व के सबसे अधिक आबादी वाले देश भारत को अस्थायी छूट देने के प्रशासन के फैसले की दोनों दलों ने कड़ी आलोचना की। आलोचकों का आरोप है कि ट्रंप रूस को एक ऐसी छूट दे रहे हैं जिससे मॉस्को को अपनी युद्ध मशीन को वित्त पोषित करने के लिए बेहद जरूरी राजस्व प्राप्त होगा। रिपब्लिकन सांसद डॉन बेकन (नेब्रास्का) ने इस कदम की निंदा करते हुए X पर एक पोस्ट में कहा कि रूस के प्रति कमजोरी भयावह है। डेमोक्रेटिक सांसद टेड लियू (कैलिफोर्निया) ने भी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट को संबोधित करते हुए X पर एक पोस्ट में प्रशासन के इस फैसले की निंदा की।

लियू ने कहा, रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों को हटाने के अपने फैसले को पलट दें। रूस की मदद करना आपके लिए देशद्रोह का कृत्य है। इस बीच, रूस अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने में ईरान की मदद कर रहा है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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