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होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन टैंकरों पर हमला,एक में लगी आग; वैश्विक तेल आपूर्ति पर बढ़ा संकट

होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन जहाजों को निशाना बनाया गया है। हालांकि, इन हमलों की जिम्मेदारी किसी ने नहीं ली है, लेकिन माना जा रहा है कि इनके पीछे ईरान का हाथ हो सकता है।

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होर्मुज जलडमरूमध्य (प्रतीकात्मक फोटो:istock)

ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में मंगलवार को तीन तेल टैंकरों पर हमला हुआ। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि एक टैंकर में आग लग गई, जबकि दो अन्य जहाज भी प्रोजेक्टाइल और ड्रोन हमले की चपेट में आए। हालांकि, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर सामान्य नौवहन बहाल करने की कोशिश कर रहा था। ताजा घटनाओं ने वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।

ओमान तट के पास टैंकर में लगी आग

ब्रिटिश समुद्री एजेंसी के मुताबिक, एक टैंकर ओमान के लीमाह तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी उसके बाईं ओर प्रोजेक्टाइल आकर टकराया। हमले के बाद जहाज में आग लग गई। एजेंसी ने कहा कि घटना से किसी प्रकार का पर्यावरणीय नुकसान नहीं हुआ है और मामले की जांच जारी है।

ड्रोन हमले की भी पुष्टि

दो अन्य टैंकर भी हमले का शिकार हुए। इनमें से एक पर ड्रोन से हमला किया गया। दोनों जहाजों को मामूली क्षति पहुंची, लेकिन सभी चालक दल सुरक्षित बताए गए हैं। इनमें से कम से कम एक जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा।

ईरान पर संदेह, आधिकारिक जिम्मेदारी नहीं ली

ईरानी सरकारी टीवी ने दावा किया कि हमला उस एलएनजी टैंकर पर हुआ जो कतर से प्राकृतिक गैस लेकर जा रहा था और उसने ईरान की चेतावनी को नजरअंदाज किया था। हालांकि, ईरान ने आधिकारिक तौर पर हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री नौवहन और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि कतर इस घटना के लिए ईरान को पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार मानता है।

ईरान पहले ही दे चुका था चेतावनी

ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने पिछले सप्ताह सभी तेल टैंकरों को केवल उसके द्वारा स्वीकृत समुद्री मार्ग का इस्तेमाल करने की चेतावनी दी थी। साथ ही कहा था कि यदि अमेरिकी सेना ने हस्तक्षेप किया तो उसका "तेज और निर्णायक जवाब" दिया जाएगा।

दूसरी ओर,अमेरिकी नौसेना की निगरानी वाले जॉइंट मैरिटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर ने सोमवार को जहाजों से कहा था कि ओमान के तट के पास वैकल्पिक समुद्री मार्ग सभी जहाजों के लिए खुला और सुरक्षित है।

ट्रंप ने दी थी चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में कहा था कि ईरान को समझौता करना होगा,अन्यथा अमेरिका काम पूरा कर देगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका चाहे तो एक घंटे के भीतर ईरान के पुल और ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है।

समझौते को लेकर वार्ता पर भी संकट

अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर चल रही बातचीत फिलहाल ठप पड़ गई है। दोनों देशों के बीच पहले 60 दिनों तक बिना शुल्क जहाजों को गुजरने देने पर अंतरिम सहमति बनी थी, लेकिन ईरान बाद में मार्गों पर अपना नियंत्रण और शुल्क वसूलने की मांग पर अड़ गया। अमेरिका और खाड़ी के कई देशों ने इस मांग का विरोध किया है।

दुनिया के लिए क्यों अहम है होर्मुज?

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा आपूर्ति लाइनों में से एक है। सामान्य परिस्थितियों में दुनिया के कुल समुद्री तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत और बड़ी मात्रा में प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव या हमला अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सीधा असर डाल सकता है।

खामेनेई के अंतिम संस्कार के बीच बढ़ा तनाव

इस बीच, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के लिए बड़ी संख्या में लोग क़ोम शहर में जुटे। माना जा रहा है कि उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी होने तक अमेरिका और ईरान के बीच औपचारिक वार्ता आगे नहीं बढ़ेगी। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया में एक बार फिर बड़े भू-राजनीतिक संकट का संकेत माना जा रहा है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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