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यह वह विकल्प नहीं है जिसे कनाडा ने पैदा किया है- इडिया की सख्ती के बाद ट्रूडो की सफाई, खुद को पीड़ित दिखाने का किया प्रयास

खालिस्तानी आतंकी निज्जर की हत्या में कनाडा, भारत के हाथ होने का दावा करते रहा है। वहीं भारत इसे सिरे से खारिज करते रहा है। भारत, इसे लेकर पहले भी सख्ती दिखा चुका है, अब एक बार फिर से इस मामले को लेकर भारत और कनाडा के संबंधों में तनाव पैदा हो गया है।

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कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो (CPAC)

KEY HIGHLIGHTS
  • भारत के एक्शन के बाद कनाडा के पीएम की सफाई
  • ट्रूृडो ने भारत पर लगाए कई आरोप
  • खुद को पीड़ित के तौर पर दिखाने का प्रयास

कनाडा और भारत के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। एक खालिस्तानी आतंकी की मौत पर कनाडाई पीएम जस्टिन ट्रूडो भारत के खिलाफ लगातार वैश्विक स्तर पर पिछले कुछ महीनों से माहौल बनाते दिखे हैं। सोमवार को निज्जर की हत्या में भारतीय राजनयिकों पर कनाडा के आरोप लगाने के बाद भारत ने ऐसा सख्त रुख अख्तियार किया है, जिसकी कल्पना शायद ही ट्रूडो ने की होगी। भारत ने अपने राजनयिकों को तो कनाडा से वापस बुलाया ही, साथ ही कनाडा के राजनयिकों को भी देश से निकाल दिया है। भारत के इस एक्शन के ट्रूडो का बयान सामने आया है, जिसमें वो खुद को एक पीड़ित के तौर पर पेश करते दिख रहे हैं।

कनाडा के पीएम को याद आया भारत के साथ ऐतिहासिक संबंध

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत के साथ संबंधों में तनाव पर कहा कि यह कनाडा द्वारा किया गया कोई विकल्प नहीं है। भारत एक महत्वपूर्ण लोकतंत्र है, एक ऐसा देश है जिसके साथ हमारे लोगों के बीच ऐतिहासिक रूप से गहरे व्यापारिक संबंध हैं, ऐसे समय में जब भू-राजनीति के इर्द-गिर्द अस्थिरता का मतलब है कि लोकतंत्रों को एक साथ रहना होगा। यही कारण है कि जब हमने खुफिया एजेंसियों के माध्यम से यह समझना शुरू किया कि (हरदीप सिंह) निज्जर की हत्या, पिछले साल गर्मियों में कनाडा की धरती पर एक कनाडाई की हत्या के पीछे संभवतः भारत का हाथ था, तो हमारी पहली पसंद भारत सरकार से यह कहना था कि हम जानते हैं कि ऐसा हुआ है, इसे ठीक करने के लिए हमारे साथ मिलकर काम करें।

खुद को दिखाया पीड़ित

आगे कनाडाई पीएम ने कहा कि हम इस लड़ाई में शामिल नहीं होना चाहते, लेकिन जाहिर है कि कनाडा की धरती पर एक कनाडाई की हत्या ऐसी चीज नहीं है जिसे हम एक देश के तौर पर नजरअंदाज कर सकते हैं। इसलिए हमने हर कदम पर भारत को अपनी जानकारी से अवगत कराया है। मैंने सीधे प्रधानमंत्री मोदी से बात की है। हमने खुफिया समकक्षों से संपर्क किया है, और दुर्भाग्य से, पिछले सितंबर में हाउस ऑफ कॉमन्स में मेरे बयान के बाद से लेकर अब तक, हर कदम पर भारत सरकार की प्रतिक्रिया नकारने, उलझाने, मुझ पर व्यक्तिगत रूप से हमला करने और कनाडा सरकार और उसके अधिकारियों और उसकी पुलिस एजेंसियों की ईमानदारी पर हमला करने की रही है।

भारत के खिलाफ लगाए कई आरोप

ट्रूडो ने कहा कि हमने बस इतना कहा है कि हम अपनी एजेंसियों को काम करने देंगे, खास तौर पर एजेंसियों से खुफिया जानकारी जुटाने से लेकर पुलिस जांच तक, जिसके परिणामस्वरूप एक कठोर, मजबूत और स्वतंत्र न्यायिक प्रणाली के भीतर गिरफ़्तारियाँ, मुकदमे और परिणाम सामने आते हैं। हर कदम पर हमारा यही दृष्टिकोण रहा है। दरअसल, पिछले हफ़्ते जब RCMP ने भारत में अपने कानून प्रवर्तन समकक्षों से संपर्क किया, तो एक ऐसा रास्ता था जहां हम जवाबदेही और बदलाव और कदम सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम कर सकते थे, जिसके परिणामस्वरूप कनाडाई सुरक्षित रह सकते थे क्योंकि यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारतीय सरकार ने उन अग्रिमों को अस्वीकार कर दिया और इस समस्या से निपटने के हमारे प्रयासों को अस्वीकार कर दिया।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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