अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के बावजूद शनिवार को रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई। एक तेल टैंकर पर अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया, जबकि बहरीन ने भी ईरान पर ड्रोन हमला करने का आरोप लगाया है। इन घटनाओं ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को फिर बढ़ा दिया है।
यूकेएमटीओ ने दी जानकारी
ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ (UKMTO) ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे एक तेल टैंकर को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया। हमले में जहाज के ब्रिज (नियंत्रण कक्ष) को नुकसान पहुंचा, हालांकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित हैं।
ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा कंपनी वैनगार्ड टेक के अनुसार, हमला जिस जहाज पर हुआ वह पनामा के ध्वज वाला तेल टैंकर 'किकु' (Kiku) है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमले के पीछे कौन जिम्मेदार है।
'एमवी एवर लवली' पर ईरानी हमले पर अमेरिका ने किया था पलटवार
इससे पहले सिंगापुर के कार्गो जहाज 'एमवी एवर लवली' पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के कथित ड्रोन हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई मिसाइल और ड्रोन ठिकानों तथा तटीय रडार साइटों को निशाना बनाया था। इसके बाद ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के हवाले से आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने जवाबी कार्रवाई में क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
इस बीच, ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने होर्मोजगान प्रांत के सिरिक बंदरगाह प्राधिकरण के प्रमुख के हवाले से कहा कि अमेरिकी हमलों के बावजूद सिरिक बंदरगाह को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचा है।
बहरीन पर ईरान ने किया ड्रोन अटैक
उधर, बहरीन के विदेश मंत्रालय ने भी शनिवार को पुष्टि की कि देश को ईरानी ड्रोन हमले का निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने इसे बहरीन की संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा कि यह हमला नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा है और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है।
बहरीन ने आरोप लगाया कि यह हमला ऐसे समय किया गया है, जब क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। मंत्रालय के अनुसार, ईरान की यह कार्रवाई शांति प्रयासों को कमजोर करने और क्षेत्रीय सुरक्षा व स्थिरता को अस्थिर करने की नीति को दर्शाती है।
कुवैत ने भी की निंदा
वहीं, कुवैत ने भी बहरीन पर हुए कथित हमले की कड़ी निंदा की है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए बहरीन के साथ पूर्ण एकजुटता जताई। साथ ही दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हस्तक्षेप कर क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने की अपील की है।
